1993 में मुंबई धमाकों का गुनहगार दाऊद कराची में
1993 में मुंबई धमाकों का गुनहगार दाऊद कराची में|Social Media
राज ख़ास

पाकिस्तान ने माना 1993 में मुंबई धमाकों का गुनहगार दाऊद कराची में ही है।

पाकिस्तान ने पहले स्वीकार किया कि अंडरवल्र्ड डॉन उसके यहां है, मगर कुछ घंटों बाद ही वह इससे मुकर गया। सवाल यह है कि आखिर पाक अपने कहे से पीछे क्यों हट रहा है।

राज एक्सप्रेस

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पाकिस्तान ने 27 साल बाद आखिरकार यह मान लिया कि मोस्टवांटेड आतंकी और 1993 में मुंबई धमाकों का गुनहगार दाऊद इब्राहिम कराची में ही है। कहा जा रहा था कि दुनियाभर में आतंकी संगठनों की फंडिंग पर नजर रखने वाले वित्तीय कार्रवाई कार्यबल एफएटीएफ की काली सूची से बचने की कोशिश में पाक को मजबूरन यह कदम उठाना पड़ा है। दाऊद के पाक में होने की बात पर सुकून महसूस कर रहे भारत समेत पूरी दुनिया को इमरान सरकार ने झटका देते हुए यह कह दिया कि दाऊद इब्राहिम उसकी जमीन पर नहीं है। दरअसल, पाकिस्तान ने 88 प्रतिबंधित आतंकी संगठनों, हाफिज सईद, मसूद अजहर और दाऊद इब्राहिम समेत अन्य आतंकी संगठनों के आकाओं पर कड़े विाीय प्रतिबंध लगाए हैं। इस दौरान पाक ने माना था कि अंडरवल्र्ड डॉन दाऊद इब्राहिम मुल्क में ही है और वह कराची में रहता है। लेकिन रात होते-होते वह अपने बयान से पलट गया और कहा कि दाऊद इब्राहिम उसकी जमीन पर नहीं है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र को कई वर्षों से सूची दे रहा है। किसी संगठन पर नए प्रतिबंध नहीं लगाए गए हैं।

बता दें कि पाकिस्तान ने आतंकियों की एक लिस्ट जारी की थी। इस सूची के मुताबिक, दाऊद इब्राहिम कराची में रह रहा है। इसमें उसका पता व्हाइट हाउस, कराची लिखा गया है। उसके पास 14 पासपोर्ट और 3 मकान बताए गए हैं। सवाल यह है कि आखिर कुछ घंटों में ही पाकिस्तान पलट कैसे गया। जो पाकिस्तान दाऊद के ठिकानों की सूची और पासपोर्ट नंबर तक बता चुका था, वह यह यों कह रहा है कि दाऊद उसकी जमीन पर नहीं है। पाकिस्तान अब कोई भी बहाना बनाए, यह साफ हो चुका है कि अंडरवल्र्ड डॉन को उसने पनाह दे रखी है। दाऊद के पाकिस्तान में होने के कई सबूत भारत दुनिया को दे चुका है। लेकिन वह आज तक इसे मान नहीं रहा था। मगर अब गलती से ही सही उसने सच बोल दिया है। अब वह अपने कहे से पीछे न तो हट सकता है और न ही दुनिया उसके झूठ को सच मानने वाली है। बेहतर यही है कि वह दाऊद को भारत को सौंप दे। उसका यह कदम पूरी दुनिया में उसकी आतंक परस्त छवि को काफी हद तक सुधारने का मौका दे सकता है।

बता दें कि दाऊद इब्राहिम 12 मार्च-1993 में मुंबई में हुए सीरियल बम धमाकों का मुख्य आरोपी है। अलग-अलग जगहों पर हुए इन बम धमाकों में 257 लोग मारे गए थे जबकि करीब 1400 लोग घायल हो गए थे। दाऊद इब्राहिम इन धमाकों के बाद से ही फरार चल रहा है। पाकिस्तान पर बीते दो वर्षों से लैक लिस्ट होने की तलवार लटकी है। यदि वो लैक लिस्ट हो जाता है तो उस पर कई तरह के कड़े प्रतिबंध लगा दिए जाएंगे, जो उसकी बर्बाद होती अर्थव्यवस्था के लिए ताबूत की आखिरी कील साबित हो सकते हैं। बेहतर है कि पाक आतंकियों से ज्यादा अपनी अर्थव्यवस्था की चिंता करे।

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