कोरोना वैक्सीन के लिए देश के लोगों का इंतजार खत्म हुआ
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कोरोना वैक्सीन के लिए देश के लोगों का इंतजार खत्म हुआ

भारत बायोटेक की स्वदेशी कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट की कोवीशील्ड के इमरजेंसी यूज के लिए ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने मंजूरी दे दी है।

कोरोना वैक्सीन के लिए देश के लोगों का इंतजार खत्म हो गया है। भारत बायोटेक की स्वदेशी कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट की कोवीशील्ड के इमरजेंसी यूज के लिए ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने मंजूरी दे दी है। जायडस कैडिला हेल्थकेयर की जायकोव-डी को फेज-3 ट्रायल का अप्रूवल मिला है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वैक्सीन की मंजूरी के फैसले का स्वागत किया है। साउथ-ईस्ट एशिया की रीजनल डायरेक्टर डॉ. पूनम क्षेत्रपाल सिंह ने कहा कि भारत के फैसले से साउथ-ईस्ट एशिया में महामारी के खिलाफ लड़ाई मजबूत होगी। कोरोना पर बनी सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने शनिवार को भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए सशर्त मंजूरी देने की सिफारिश की थी। इसके पहले शुक्रवार को सीरम इंस्टीट्यूट की कोवीशील्ड को भी इसी तरह की मंजूरी देने की सिफारिश की गई थी। दोनों को मंजूरी मिलने से अब उम्मीद जताई जा रही है कि अगले हफ्ते से वैक्सीनेशन ड्राइव भी शुरू हो जाएगा। तैयारियों को परखने के लिए पूरे देश में इसके लिए वैक्सीनेशन ड्राय रन भी शुरू हो चुका है।

महामारी के खिलाफ इस लड़ाई में वैक्सीन की मंजूरी को एक हथियार का काम करेगी। डीसीजीआई की ओर से वैक्सीन को मंजूरी दिए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जताते हुए कहा, बधाई भारत। कोरोना की वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को बधाई देते हुए कहा कि सीरम इंस्टीटयूट और भारत बायोटेक की वैक्सीन को डीसीजीआई की मंजूरी मिलने के बाद कोरोना मुक्त राष्ट्र होने का रास्ता साफ हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में यह एक उत्साही लड़ाई का निर्णायक मोड़ है। हालांकि, वैक्सीन पर सियासत भी शुरू हो गई है। यूपी में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने वैक्सीन न लगाने का फरमान जारी किया है और कहा है कि यह वैक्सीन भाजपा की है, वे इसे नहीं लगवाएंगे। यूपी में सरकार बनने के बाद वे सभी नागरिकों को फ्री में लगवाएंगे। उधर वैक्सीन में सुअर की चर्बी की अफवाह भी तेजी से तैर रही है। कुछ लोग वैक्सीन को लेकर फिजूल की बात कर रहे हैं। अगर देखा जाए तो यह कोरी कल्पना है। धर्म विशेष में वैक्सीन के प्रति गलत धारणा बैठाई जा रही है। इससे कोरोना के खिलाफ जंग में जीत मिलना मुश्किल हो सकती है।

हालांकि, वैज्ञानिकों ने इस बात के लिए भी आगाह किया है कि वैक्सीन आने का मतलब यह कतई नहीं कि कोरोना चला गया। वैक्सीन के बाद भी लंबे समय तक बचाव के उपाय करने होंगे। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क को उपयोग करना होगा। वैक्सीन आने का मतलब यह कतई नहीं कि हम सुरक्षित हो गए। वैक्सीन सिर्फ कोरोना से बचाव के लिए है। उसे फैलने से रोकने के लिए नहीं। अगर हम चाहते हैं कि देश से कोरोना को खत्म किया जाए, तो सरकार की गाइडलाइन का पालन शत-प्रतिशत करना होगा।

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