आरोपी सट्टेबाज संजीव चावला का खुलासा हर क्रिकेट मैच होता है फिक्स

साल 2000 में हुए मैच फिक्सिंग मामले में मुख्य आरोपी संजीव चावला ने इस बात का खुलासा किया है कि क्रिकेट का हर एक मुकाबला फिक्स होता है
आरोपी सट्टेबाज संजीव चावला का खुलासा हर क्रिकेट मैच होता है फिक्स
सट्टेबाज संजीव चावला का खुलासा हर क्रिकेट मैच होता है फिक्सSyed Dabeer Hussain - RE

राज एक्सप्रेस। क्रिकेट की दुनिया का सबसे बड़ा मैच फिक्सिंग मामला साल 2000 में हुआ था जब दक्षिण अफ्रीका टीम भारत आई थी। इस मामले में सबसे बड़ा आरोपी सट्टेबाज संजीव चावला ने इस बात का खुलासा किया है कि क्रिकेट का हर एक मुकाबला फिक्स होता है। इसे एक बड़ा अंडरवर्ल्ड माफिया तय करता है, उसने उदाहरण के तौर पर यह भी बताया कि यह एक फिल्म की तरह होता है, जिस तरह निर्देशक फिल्म को चलाता है, उसी तरह क्रिकेट मैच को भी इसी तरह चलाया जाता है। सट्टेबाज संजीव चावला ने दिल्ली पुलिस को दिए गए बयान में कई खुलासे किए हैं।

जानकारी के लिए बता दें कि सट्टेबाज संजीव चावला द्वारा दिया गया बयान पुलिस को सौंपी गई सप्लीमेंट्री चार्जशीट (पूरक आरोप पत्र) का हिस्सा है, लेकिन इस पर आरोपी के हस्ताक्षर मौजूद नहीं है। बयान में सट्टेबाज संजीव चावला ने कई खुलासे किए हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि जांच अधिकारी डीसीपी डॉक्टर जी राम गोपाल नाइक को भी इस मामले में निशाना बनाया गया था और उनकी जान को खतरा था।

सट्टेबाज संजीव चावला ने किया यह खुलासा

आरोपी सट्टेबाज संजीव चावला ने इस बात को स्वीकार किया है कि कई वर्षों से वह मैच फिक्सिंग में लिप्त है, जिसे कई बड़े अंडरवर्ल्ड माफिया चला रहे हैं और वह बेहद खतरनाक किस्म के लोग हैं, अगर वह कुछ कहते हैं तो उनकी मौत निश्चित है, इसलिए वह इस मामले में अधिक जानकारी नहीं प्रदान कर रहे हैं।

पुलिस द्वारा बताई गई जानकारी

इस मामले पर दिल्ली पुलिस द्वारा बताया गया कि मामले की जांच जारी है और बयान से जुड़ी कोई भी जानकारी स्पष्ट रूप से किसी के साथ साझा नहीं की जा सकती। दिल्ली पुलिस द्वारा यह भी बताया गया है कि संजीव चावला का जांच में सहयोग ना करना भी यह साबित करता है कि वह आरोपी है।

ट्रायल कोर्ट के जमानत आदेश पर हाईकोर्ट की रोक के अभाव के चलते संजीव चावला इसी महीने की शुरुआत में रिहा हो गया था। अब दिल्ली पुलिस द्वारा सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंचाया गया है, मामले की सुनवाई अगले माह की जाएगी। इस मामले में आरोपी संजीव चावला के साथ-साथ उनके साथी आरोपी कृष्ण कुमार, राजेश कालरा और सुनील दारा भी जमानत पर हैं।

आरोप पत्र में यह जानकारी भी मौजूद

पुलिस के पास आरोप पत्र में दक्षिण अफ्रीका के साल 2000 के भारत दौरे के दौरान हुए इस मामले की पूर्ण जानकारी मौजूद है। जिसमें सट्टेबाज संजीव चावला और हैंसी क्रोन्ये की बातचीत के दस्तावेज भी शामिल है, जो दोनों के द्वारा कि गई लेन-देन तथा गोपनीय चर्चा पर इशारा करते हैं।

सट्टेबाज संजीव चावला ने इस बयान में यह भी कहा है कि वह 1993 में लंदन चले गए थे, जहां उन्होंने कपड़ों का व्यापार किया, लंदन की ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट पर उनकी दुकान थी और उनके साथी आरोपी उनके दोस्त थे। लंदन में लंबा वक्त गुजारने के बाद साल 2000 में उन्हें ब्रिटेन की नागरिकता मिल गई थी।

जिसके बाद फरवरी 2020 में लंबी प्रत्यर्पण प्रक्रिया के बाद संजीव चावला को भारत लाया गया था।

आपको बता दें इस मामले में दक्षिण अफ्रीकी टीम के कप्तान हैंसी क्रोनिए भी लिप्त थे, इस बात को उन्होंने स्वीकार किया था, लेकिन उनकी विमान दुर्घटना में साल 2002 में मौत हो गई और उनके ऊपर साल 2017 में अदालती कार्रवाई खत्म कर दी गई।

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