मैच फिक्सिंग में लिप्त सट्टेबाज संजीव चावला भारत लाया गया
मैच फिक्सिंग में लिप्त सट्टेबाज संजीव चावला भारत लाया गया|Social Media
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मैच फिक्सिंग में लिप्त सट्टेबाज संजीव चावला भारत लाया गया

साल 2000 में हुए मैच फिक्सिंग कांड में सट्टेबाज संजीव चावला का नाम सामने आया था। दिल्ली पुलिस ने करीब 19 साल बाद उसे दबोच लिया है।

Ankit Dubey

राज एक्सप्रेस। क्रिकेट जगत में मैच फिक्सिंग का सबसे बड़ा कांड साल 2000 में हुआ था। जिसके चलते कई बार खेल की छवि खराब हुई, साल 2000 में हुए मैच फिक्सिंग कांड में सट्टेबाज संजीव चावला का नाम सामने आया था। दिल्ली पुलिस ने 2000 में मैच फिक्सिंग रैकेट का भंडाफोड़ कर करीब 19 साल बाद संजीव (Sanjeev Chawla) को दबोच लिया है और अब वह भारत पहुंच चुका है। संजीव चावला 13 फरवरी गुरुवार की दोपहर भारत आ चुका है। उसे आखिरकार क्राइम ब्रांच की टीम ब्रिटेन से भारत लाने में सफल हुई है। भारत और ब्रिटेन के बीच साल 1992 में प्रत्यर्पण संधि होने के बाद यह हाईप्रोफाइल मामला दबा हुआ था, लेकिन अब यह सफल प्रत्यर्पण हो गया है। दिल्ली कोर्ट ने अब आरोपी संजीव चावला को 12 दिन की हिरासत में भेजा दिया है।

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के एक आला अफसर ने आईएनएक्स से बातचीत के दौरान बताया कि संजीव चावला को लंदन से दिल्ली लाया जा रहा है। करीब 1 महीने संजीव चावला को प्रत्यर्पित करके भारत लाने की कोशिशें चल रही थीं, लेकिन दिल्ली पुलिस अपराध शाखा की टीम कई बार लंदन गई और हर बार किसी कानूनी दांवपेच के चक्कर में उसका भारत आना संभव ना हो सका।

बुधवार को ब्रिटेन सरकार ने संजीव चावला को भारत भेजने के लिए हरी झंडी दिखा दी, इसके बाद दिल्ली पुलिस अपराध शाखा के इंस्पेक्टर वहां भेजे गए और संजीव (Sanjeev Chawla) यहां लेकर आया गया।

आम कैदी नहीं है संजीव चावला

जानकारी के मुताबिक अफसरों ने बताया कि संजीव चावला कोई आम कैदी नहीं है। उसे एक विशेष संधि के तहत 19 साल बाद भारत लाया गया है। सबसे पहले उसका मेडिकल चेकअप किया जाना है, फिर नियमानुसार उसे कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। जिस पर उसकी पुलिस कस्टडी की मांग होगी।

साल 2000 में हुआ था मैच फिक्सिंग मामला

साल 2000 में 16 फरवरी 20 मार्च को खेले गए भारत-दक्षिण अफ्रीका मुकाबले में मैच फिक्स करने के लिए दिल्ली पुलिस ने दक्षिण अफ्रीका टीम के कप्तान हैन्सी क्रोनिये जो फिलहाल इस दुनिया में नहीं है और पांच अन्य खिलाड़ियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी हर्षल गिब्स और निक्की बॉय के फिक्सिंग से जुड़े होने के पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के कारण उनका नाम हटा लिया गया। इस संबंध में 2013 में दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दायर की, जिसमें हैन्सी क्रोनिये, सट्टेबाज संजीव चावला, मनमोहन खट्टर, दिल्ली के राजेश कालरा और सुनील दारा सहित टी-सीरीज के कृष्ण कुमार को आरोपी घोषित कर दिया गया। जिसके बाद से पुलिस संजीव को भारत लाने की कोशिश में थी, लेकिन मानव अधिकारों का हवाला देकर आरोपी ने यूरोपियन कोर्ट में प्रत्यर्पण के खिलाफ पिछले साल 23 जनवरी को अर्जी लगाई थी, जिसे कोर्ट ने नामंजूर किया।

कौन है संजीव चावला

संजीव चावला दिल्ली में रहने वाला एक बिजनेसमैन है, जो 1996 में बिजनेस वीजा पर ब्रिटेन गया था, लेकिन उसका नियमित भारत आना-जाना लगा रहता था। पुलिस ने एक संगठित अपराध के मामले में नाम आने के बाद उसका फोन टेप किया, फोन टेप करने के बाद साल 2000 में उसके और हैन्सी क्रोनिये के बीच मैच फिक्सिंग को लेकर बात सामने आई। साल 2000 में ही चावला के भारतीय पासपोर्ट को अवैध घोषित कर दिया गया। 50 वर्षीय संजीव चावला को 2005 में यूके का पासपोर्ट मिल गया था। साल 2000 में संजीव चावला पर आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120 बी (अपराधिक षड्यंत्र) के तहत केस दर्ज है।

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