ग्रेग चैपल ने दिया था धोनी पर यह बयान, हरभजन  ने बताई उनकी सच्चाई
ग्रेग चैपल ने दिया था धोनी पर यह बयान, हरभजन ने बताई उनकी सच्चाई|Ankit Dubey - RE
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ग्रेग चैपल ने दिया था धोनी पर यह बयान, हरभजन ने बताई उनकी सच्चाई

भारतीय टीम के पूर्व महानतम स्पिनर हरभजन सिंह द्वारा ग्रेग चैपल के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया आई है। जानें पूरा मामला क्या है...

Ankit Dubey

राज एक्सप्रेस। भारतीय टीम के पूर्व महानतम स्पिनर हरभजन सिंह द्वारा ग्रेग चैपल के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया आई है। हरभजन सिंह का मानना है कि ग्रेग चैपल की कोचिंग का समय भारतीय क्रिकेट जगत का सबसे खराब समय था। ग्रेग चैपल द्वारा महेंद्र सिंह धोनी को लेकर एक बयान दिया गया था। जिसमें धोनी को लेकर उन्होंने विशेष टिप्पणी की थी। इस बयान पर हरभजन सिंह भड़के हुए नजर आए और हरभजन ने ग्रेग चैपल की सच्चाई बताई है।

हरभजन सिंह ने ट्वीट कर बताई ग्रेग चैपल की सच्चाई

दरअसल ग्रेग चैपल ने धोनी को लेकर बयान दिया था कि महेंद्र सिंह धोनी को हर गेंद पर हवा में शॉट खेलने के बजाय ग्राउंडेड शॉट खेलने चाहिए।

इस बयान पर हरभजन सिंह ने ग्रेग चैपल की क्लास लगा दी, हरभजन ने ट्वीट कर लिखा कि उन्होंने धोनी को शॉट नीचे रखकर खेलने की सलाह इसलिए दी थी, क्योंकि कोच हर किसी को मैदान से बाहर पहुंचा रहे थे, उन्होंने इस ट्वीट के साथ एक हैशटैग का इस्तेमाल किया है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि ग्रेग चैपल के समय काल में भारतीय क्रिकेट का सबसे बुरा हाल था।

धोनी को लेकर चैपल ने दिया था यह बयान

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को लेकर चैपल ने कहा था कि उनकी बल्लेबाजी को देखकर मैं हैरान था उस समय वह भारत के सबसे ताबड़तोड़ खिलाड़ी थे और काफी अलग तरह से पोजीशन में आकर गेंद पर प्रहार करते थे, मैंने जितने भी बल्लेबाज देखे उनमें से वह सबसे ताकतवर थे।

जानकारी के लिए बता दें कि ग्रेग चैपल ने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए साल 2005 से 2007 तक के लिए कोचिंग दी है, जिसमें उनका कार्यकाल विवादों से भरा रहा, उनके खिलाड़ियों तथा कप्तान से काफी मतभेद रहे।

चैपल ने की थी धोनी की तारीफ

ग्रेग चैपल द्वारा कहा गया था कि मुझे उनकी श्रीलंका के खिलाफ खेली गई 183 रनों की पारी याद है, उनकी ताकत और बल्लेबाजी उस समय बेहतरीन थी, अगला मैच पुणे में था और मैंने धोनी से कहा था कि आप हर गेंद को हवा में खेलने के बजाय शॉट नीचे रखकर क्यों नहीं खेलते। अगले मैच में हम 260 रनों का पीछा कर रहे थे और मजबूत स्थिति में थे, लेकिन धोनी ने जो पहले बल्लेबाजी की थी वह उससे अलग थी।

उन्होंने कहा कि धोनी ने आखिर में 12वें खिलाड़ी के माध्यम से मुझसे छक्का मारकर जीतने की बात पूछी थी, लेकिन मैंने उन्हें कहा था कि लक्ष्य के आखिरी अंक में आने पर ही ऐसा करें। धोनी ने वैसा ही किया और जब 6 रन चाहिए थे, तो छक्का मारकर मैच पर कब्जा किया।

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