आईसीसी ने बताया लार से नहीं, गेंद को चमकाने का यह विकल्प आएगा काम
आईसीसी ने बताया लार से नहीं, गेंद को चमकाने का यह विकल्प आएगा काम|Social Media
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आईसीसी ने बताया लार से नहीं, गेंद को चमकाने का यह विकल्प आएगा काम

आईसीसी (ICC) द्वारा फैसला लिया है गया है कि क्रिकेट मैच में गेंद को चमकाने के लिए गेंदबाज लार का इस्तेमाल नहीं करेंगे...

Ankit Dubey

राज एक्सप्रेस। कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के चलते क्रिकेट जगत में बदलाव होने लाजमी है। इसी बीच आईसीसी (ICC) द्वारा फैसला लिया है गया है कि क्रिकेट मैच गेंद को चमकाने के लिए गेंदबाज लार का इस्तेमाल नहीं करेंगे। आईसीसी ने इस पर अब पाबंदी लगा दी है।

अनिल कुंबले (Anil Kumble) की अध्यक्षता वाली आईसीसी की कमेटी ने खिलाड़ियों को पसीने से गेंद को चमकाने का विकल्प रखा है। अब खिलाड़ी गेंद को चमकाने के लिए पसीने का इस्तेमाल कर सकते हैं।

इन मुद्दों पर भी की गई सिफारिश

आईसीसी क्रिकेट कमेटी द्वारा गेंद को पसीना से चमकाने के अलावा अंतरराष्ट्रीय मैचों में स्थानीय अंपायरों और मैच रेफरी को नियुक्त करने की भी सिफारिश की है। स्थानीय अंपायर और मैच रेफरी की नियुक्ति को लेकर यह तर्क रखा गया है कि अंपायर निर्णय समीक्षा प्रणाली (DRS) की वजह से ज्यादा सही फैसले तो हो ही जाते हैं, इससे यात्रा पर भी रोक लगाई जा सकती है।

आईसीसी क्रिकेट कमेटी के चेयरमैन अनिल कुंबले द्वारा इस बारे में कहा गया कि हम अभी बड़े बुरे दौर से गुजर रहे हैं। क्रिकेट को दोबारा शुरू करने और सुरक्षित तरीके से शुरू करने की दिशा में नए कदम उठाने के लिए कमेटी ने यह सिफारिश की है। हमारा प्रयास यही है कि क्रिकेट का रोमांच भी बना रहे और इससे जुड़े सभी लोग सुरक्षित रहें।

पसीने से गेंद चमकाने को लेकर दिया यह तर्क

आईसीसी मेडिकल एडवाइजरी कमेटी के स्वास्थ्य विशेषज्ञ पीटर हारकोर्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि लार के उपयोग से बीमारी फैल सकती है, इसको देखते हुए इस पर बैन करने की सिफारिश की गई है। मेडिकल कमेटी की सलाह थी कि पसीने की वजह से वायरस फैलने का खतरा बहुत कम है, इसलिए इस पर अनुमति दी गई है।

इससे पहले साल 1994 से लेकर 2001 तक एक स्थानीय अंपायर और एक बाहरी अंपायर हुआ करता था, लेकिन साल 2002 में इंटरनेशनल मैचों में दोनों तटस्थ अंपायर नियुक्त होने लगे थे, कमिटी ने वर्तमान समय में इंटरनेशनल यात्रा पाबंदियां और क्वारंटाइन की समस्या को देखते हुए इस बुरे दौर में स्थानीय अंपायर को नियुक्त करने की सिफारिश की है।

अब भारत के जाने-माने अंपायर अनिल चौधरी, शम्सुद्दीन और नितिन मैनन देश में टेस्ट मैचों में अंपायरिंग कर सकते हैं। इसे लेकर भी सिफारिश होगी।

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