टोक्यो ओलंपिक खेल कैंसिल होने से जापान को होगा इतनी बड़ी राशि का नुकसान
कोरोना के कारण आयोजन रद्द हुआ तो धरी रह जाएंगी जापान की तैयारियां।Neelesh Singh Thakur – RE

टोक्यो ओलंपिक खेल कैंसिल होने से जापान को होगा इतनी बड़ी राशि का नुकसान

COVID-19 स्थिति को देखकर टोक्यो ओलंपिक और पैरालिंपिक खेलों के कैंसिल होने की स्थिति में जापान देश को आर्थिक नुकसान का अनुमान लगाया गया है।

हाईलाइट्स –

  • टोक्यो ओलंपिक पर संशय

  • होगा टैक्नोलॉजी का उपयोग

  • सौ फीसदी रिन्यूएबल एनर्जी होगी यूज़

राज एक्सप्रेस। कोरोना वायरस महामारी के कारण पिछले साल 2020 में होने वाले टोक्यो ओलंपिक खेलों को एक साल के लिए स्थगित कर दिया गया था। फिलहाल इन खेलों के साल 2021 में आयोजित होने के बारे में भी कोविड की नई लहर के कारण संशय बना हुआ है।

दो माह से भी कम वक्त -

टोक्यो ओलंपिक खेलों के लिए दो माह से भी कम वक्त बाकी है। इस बीच एक रिसर्च में COVID-19 स्थिति को देखकर टोक्यो ओलंपिक और पैरालिंपिक खेलों के कैंसिल होने की स्थिति में जापान देश को आर्थिक नुकसान का अनुमान लगाया गया है।

इतना नुकसान संभावित -

अनुमान के अनुसार खेलों के रद्द होने की स्थिति में जापान को लगभग 1.81 ट्रिलियन येन यानी तकरीबन 17 बिलियन डॉलर का आर्थिक नुकसान होगा। जापान की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नोमुरा रिसर्च इंस्टीट्यूट की रिसर्च में इस आर्थिक नुकसान का अनुमान लगाया गया है।

इस रिसर्च के अनुसार परिस्थितियां बदलने पर अगर नए सिरे से आपातकाल लागू होता है तो जापान को इससे भी बड़ा आर्थिक नुकसान संभावित है।

नोमुरा रिसर्च इंस्टीट्यूट के कार्यकारी अर्थशास्त्री ताकाहिदे किउची के मुताबिक खेल कैंसिल करने की स्थिति में आर्थिक नुकसान काफी अधिक होगा।

IOC मदद को तैयार -

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के अध्यक्ष थॉमस बाक ने खेल महाकुंभ में COVID-19 की स्थिति से निपटने के लिए टोक्यो ओलंपिक में मेडिकल स्टाफ भेजने की मंशा जाहिर की है। मेजबान जापान भी खेल आयोजन में सैन्य मेडिकल स्टाफ की सेवा लेने के लिए तैयार है।

आभासी बैठक में पेशकश -

जापान और आइओसी के समन्वय आयोग के बीच तीन दिवसीय आभासी बैठक में खेलों के आयोजन पर मंथन हुआ है। इसमें अध्यक्ष थॉमस बाक ने कहा कि; कोविड-19 से निपटने चिकित्सा सेवा के लिए आइओसी ने आयोजन समिति को अतिरिक्त चिकित्सा कर्मियों की पेशकश की है।

बैठक में आइओसी प्रमुख ने उम्मीद जताई कि; ओलंपिक में एथलीटों के गांव के 80 प्रतिशत से अधिक लोगों को कोरोना वायरस से बचाव का टीका लगाया जाएगा।

उन्होंने कहा है कि, ओलंपिक समिति को ओलंपिक खेलों के सुरक्षित आयोजन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, क्योंकि उद्घाटन समारोह में मात्र 65 दिन बाकी हैं।

खेल रद्द करने का समर्थन -

क्योडो न्यूज ने खेलों के आयोजन के बारे में लोगों के अभिमत से जुड़ा एक सर्वेक्षण किया है। सर्वेक्षण के मुताबिक 59.7 फीसदी लोगों ने खेल आयोजन को रद्द करने की सहमति जताई है।

सुपर-स्प्रेडर -

द जापान टाइम्स की रिपोर्ट कहती है कि; सर्वेक्षण में 87.7 प्रतिशत सहभागियों ने ओलंपिक के आयोजन पर चिंता जताई है। लोगों को चिंता है कि; विदेशों से एथलीट और सहयोगी स्टाफ सदस्यों के जापान के खेल महाकुंभ में जुटने से परिस्थितियां विपरीत होने पर दुनिया भर में वायरस का तेजी से प्रसार हो सकता है।

लोगों का मानना खेल महकुंभ का आयोजन कोरोना वायरस के प्रसार के मामले में सुपर स्प्रेडर साबित हो सकता है। ऐसे में स्थिति वर्तमान से भी ज्यादा विकट हो जाएगी।

खेल कार्यक्रम -

टोक्यो ओलंपिक का आगाज संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 23 जुलाई को होना प्रस्तावित है। पैरालिंपिक एक माह बाद 24 अगस्त से शुरू होगा।

आपातकाल लागू -

आपको बता दें आयोजन स्थल टोक्यो जापान के उन नौ प्रान्तों में से एक है जहां वर्तमान में आपातकाल लागू है। सरकार के आदेश के अनुसार आपातकाल 31 मई तक लागू रहेगा।

ओलंपिक के आयोजन पर संशय इसलिए बरकरार है क्योंकि टोक्यो समेत जापान के अधिकतर प्रांतों में गुरुवार तक कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए आपातकाल लागू रहा।

धरी रह जाएंगी यह तैयारियां –

गौरतलब है कि जापान की मंशा ओलंपिक का सफल आयोजन कर दुनिया को चौंकाने की रही है। हालांकि इस बीच कोरोना वायरस महामारी ने सब किए कराए पर पानी फेर दिया।

100% रिनियूएबल एनर्जी -

जापान ने टोक्यो ओलंपिक में खेलों के आयोजन के दौरान सौ फीसदी रिनियूएबल एनर्जी अर्थात नवीकरणीय ऊर्जा को उपयोग में लाने का टारगेट तय किया है।

यदि खेलों का आयोजन संभव होता है तो स्टेडियम के साथ एथलीट्स विलेज; विंड और सोलर एनर्जी से रोशन होंगे। इस ओलंपिक का ध्येय दुनिया को इको फ्रैंडली बनने का संदेश देना है। लेकिन फिलहाल कोरोना के साये में खेलों के आयोजन पर संशय के बादल छाये हुए हैं।

डिस्क्लेमर – आर्टिकल प्रचलित मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। इसमें शीर्षक-उप शीर्षक और संबंधित अतिरिक्त प्रचलित जानकारी जोड़ी गई हैं। इस आर्टिकल में प्रकाशित तथ्यों की जिम्मेदारी राज एक्सप्रेस की नहीं होगी।

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