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जानिए पिंक बॉल प्रैक्टिस को लेकर विराट और अन्य खिलाड़ियों की राय
जानिए पिंक बॉल प्रैक्टिस को लेकर विराट और अन्य खिलाड़ियों की राय|Social Media
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जानिए पिंक बॉल प्रैक्टिस को लेकर विराट और अन्य खिलाड़ियों की राय

भारत और बांग्लादेश के बीच कल पहला टेस्ट मैच इंदौर के होलकर क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा, दोनों टीमें अभ्यास सत्र में जुटी हुई हैं।

Ankit Dubey

राज एक्सप्रेस। भारत और बांग्लादेश के बीच कल पहला टेस्ट मैच इंदौर के होलकर क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा, दोनों टीमें अभ्यास सत्र में जुटी हुई हैं। लेकिन अभी चर्चा में है कोलकाता में होने वाला दूसरा टेस्ट जो की डे नाइट होगा। कोलकाता के ईडन गार्डन मैदान पर डे नाइट टेस्ट मैच खेले जाने के पहले इंदौर के अभ्यास सत्र के दौरान ही पिंक बॉल को अभ्यास में उपयोग किया गया। गुलाबी गेंद से पहली बार विराट कोहली और पूरी टीम ने अभ्यास किया।

इंदौर टेस्ट के पहले विराट कोहली ने पत्रकार वार्ता में गुलाबी गेंद के बारे में अपनी राय पेश की।

विराट कोहली ने बताया कि यह टेस्ट क्रिकेट में उत्साह लाने का एक अलग तरीका है, कल हमने गुलाबी गेंद से अभ्यास किया तो ऐसा लगा कि लाल गेंद की तुलना में गुलाबी गेंद ज्यादा स्विंग करती है। जब लाल गेंद से खेलते हैं और आपको अचानक गुलाबी गेंद से खेलने को कहा जाता है, तो आपको थोड़ी ज्यादा एकाग्रता लगानी होती है।

भारत में पहली बार होगा गुलाबी गेंद का इस्तेमाल

कोलकाता के ईडन गार्डन पर पहली बार एसजी (SG) की गुलाबी गेंदों का इस्तेमाल आधिकारिक तौर पर किया जाएगा। इससे पहले भारतीय क्रिकेट टीम के मध्यमक्रम के बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा गुलाबी गेंद से दिलीप ट्रॉफी में खेल चुके हैं, उन्होंने कहा घरेलू स्तर पर गुलाबी गेंद से खेलने का अवसर काफी अच्छा था, और इसका फायदा हमें आने वाले मुकाबलों में मिलेगा।

भारतीय क्रिकेट टीम में ज्यादातर खिलाड़ी पहली बार गुलाबी गेंद से खेल का आगाज करेंगे हालांकि टीम के खिलाड़ियों में चेतेश्वर पुजारा, मयंक अग्रवाल, हनुमा विहारी, कुलदीप यादव यादव जैसे खिलाड़ी दिलीप ट्रॉफी में कूकाबुरा की गुलाबी गेंद से खेलने का अनुभव कर चुके हैं।

पुजारा ने गुलाबी गेंद के बारे में कहा कि दिन के समय की रोशनी में गुलाबी गेंद को खेलने में इतनी दिक्कत नहीं आती जितनी शाम के वक्त इस गेंद को खेलने में होती है। अगर मेरे अनुभव की बात करूं तो गुलाबी गेंद से खेलने का अनुभव अच्छा रहा है, लेकिन जब मैंने दूसरे खिलाड़ियों से पूछा था तो उनका कहना था कि लेग स्पिनर को खेलना और उनकी गेंद को समझना काफी मुश्किल होता है।

गुलाबी गेंद को लेकर अजिंक्य रहाणे ने भी अपनी बात रखी उन्होंने कहा कि परिस्थितियों को सूझबूझ के साथ समझना होगा और उसके अनुसार खेलना होगा। मैच से पहले का अभ्यास काफी महत्वपूर्ण है। मैं इस पहले दिन रात्रि टेस्ट मैच के लिए काफी उत्साहित हूं, यह नए अवसर के साथ-साथ चुनौती भी है, आगे इस टेस्ट मैच में क्या होता है यह वक्त ही बताएगा।

वैसे देखा जाए तो यह पहला डे नाइट टेस्ट मुकाबला 22 नवंबर को खेला जाना है पर इसका उत्साह अभी से ही जारी है, लेकिन फिलहाल तो भारत और बांग्लादेश की टीमें पहले टेस्ट मैच में इंदौर में जीतने की कोशिश में लगी हैं।

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