Mary Kom Beat Nikhat Zareen in Olympic Qualifier
Mary Kom Beat Nikhat Zareen in Olympic Qualifier |Social Media
खेल

ओलंपिक क्वालीफायर में मैरी कॉम जीती, निखत को खटकी यह बात,मचा बवाल

6 बार की वर्ल्ड चैंपियन मैरी कॉम ने अपना अनुभव और अपनी क्षमता दिखाते हुए निखत जरीन को हरा दिया है।

Ankit Dubey

राज एक्सप्रेस। वर्ल्ड चैंपियन मैरी कॉम (Mary Kom) ने शनिवार को ओलंपिक क्वालीफायर के ट्रायल मुकाबले में फाइनल में महिलाओं के 51 किलोग्राम के मुकाबले में निखत जरीन (Nikhat Zareen) को 9-1 से मात दे दी है। 6 बार की वर्ल्ड चैंपियन मैरीकॉम ने अपना अनुभव और अपनी क्षमता दिखाते हुए निखत जरीन को हरा दिया है। इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में आयोजित किए गए इस ट्रायल्स में मैरी कॉम ने एकतरफा प्रदर्शन किया।

इस भारवर्ग की कैटेगरी में 2 दिन तक चलने वाले इस ट्रायल्स में चार मुक्केबाजों ने हिस्सा लिया था। जिसमें एक मुकाबले में निखत ने शुक्रवार को ज्योति गुलिया को 10-0 से हरा दिया था, वहीं एक मुकाबले में मैरी कॉम ने रितु ग्रेवाल को 10-0 से हरा दिया था। जिसके बाद मैरी कॉम और निखत जरीन ने फाइनल खेला।

Nikhat Zareen
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आपको बता दें कि इससे पहले ओलंपिक के लिए बिना ट्रायल्स के मैरी कॉम को चुन लिया गया था। लेकिन इस बात से निखत जरीन नाराज थीं और वे चाह रही थीं कि, इसके लिए सभी को बराबर का मौका मिले। निखत जरीन ने मुक्केबाजी महासंघ के चयन और समिति की नीति पर भी सवाल उठाए थे।

मैच के बाद मेरी कॉम ने मुझसे हाथ तक नहीं मिलाया

ओलंपिक क्वालीफायर मुकाबले की जीत के बाद मैरी कॉम ने निखत जरीन से हाथ तक नहीं मिलाया और रिंग से बाहर चली गई, इस पर निखत जरीन ने कहा है कि, मैरी कॉम हमारी सीनियर हैं और ऐसा लग रहा था कि वह जूनियर की इज्जत करेंगी, उन्होंने मुझसे हाथ तक नहीं मिला, मुझे इसका बुरा लगा है।

उन्होंने रिंग में मेरे लिए कुछ गलत शब्दों का इस्तेमाल भी किया, लेकिन मैं इस पर कुछ नहीं बोलना चाहती।

मैरी कॉम ने भी दिया निखत जरीन का जवाब

निखत जरीन के इन आरोपों के बाद मैरी कॉम ने कहा है कि, मैं उनसे क्यों हाथ मिलाती, पहले ही वह इतना कुछ कर चुकी हैं, अगर वह मेरी इज्जत करती, तो मैं भी उनकी इज्जत करती, अगर वह मेरी इज्जत नहीं करती हैं, तो फिर मैं उनकी इज्जत कैसे कर सकती हूं। उन्होंने मीडिया के सामने इतना कुछ बोला। उनका कहना था कि मैं उनकी आइडल हूं और वह मेरी इज्जत करती हैं, लेकिन मैं समझती हूं, इस तरह का व्यवहार सही नहीं है, जो कुछ भी करना हो रिंग के अंदर करना चाहिए, बाहर क्यों इस तरह बोलना। इसको मैं खेल भावना नहीं मानती।

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