विकेटकीपर बल्लेबाजों की लंबी कतार, फिर क्यों पंत बार-बार?
Wicketkeeper BatsmenKavita Singh Rathore -RE

विकेटकीपर बल्लेबाजों की लंबी कतार, फिर क्यों पंत बार-बार?

“फर्स्ट क्लास के 42 मैचों में IPKPK 2639 रन बना चुके हैं। इसमें पांच शतक, 15 अर्धशतक, 323 चौके, 65 छक्के, 85 कैच, 11 स्टंपिंग दर्ज हैं। मतलब इनको क्रिकेट एंटरटेनमेंट का कम्प्लीट पैकेज कहा जा सकता है।"

हाइलाइट्स :

  • किस पंचवर्षीय योजना के तहत पंत टीम में शामिल?

  • वो युवा विकेट कीपर बल्लेबाज जिनको नहीं मिले इतने अवसर

  • रिज़र्व बनकर रह गए युवा सितारा विकेट कीपर बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर नज़र

राज एक्सप्रेस। भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों ऋषभ पंत की पता नहीं किस प्रतिभा की कायल है? लगातार ‘असाधारण खराब’ प्रदर्शन के बावजूद उनको टीम में सितारा हैसियत दी जा रही है! यदि मौका मिले तो अनुभवी से लेकर कई युवा धाकड़ विकेट कीपर बल्लेबाज टीम इंडिया का हिस्सा बनने का दमखम रखते हैं। किसके आंकड़ों में है कितना दम, आइये जानते हैं हम-

अनुभव अपना-अपना :

अव्वल तो विकेट कीपर, बल्लेबाज, इनिंग फिनिशर, कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को चुका हुआ मानना ही बेमानी है। आज भी वो युवा खिलाड़ियों के मुकाबले ज्यादा तेजी से पिच पर दौड़कर बल्ले से रन बटोर सकते हैं। फिर बारी दिनेश कार्तिक की। यदि कार्तिक सिर्फ खेल पर ध्यान दें तो वो अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को जरा और लंबा खींच सकते हैं।

रिज़र्व का ठप्पा :

ऋद्धिमान साहा पर जैसे रिज़र्व विकेट कीपर का ठप्पा लग गया है। उनकी विकेट कीपिंग पर कभी शक नहीं किया जा सकता जबकि बल्लेबाजी में उनको कम ही मौके मिले जो मिले वो भी महज इक्का-दुक्का जिसमें उन्होंने उम्मीद से बढ़कर प्रदर्शन किया।

रॉबिन उथप्पा, पार्थिव पटेल ये वो नाम हैं जो टीम में आते-जाते रहे। मौका मिले तो रॉबिन उथप्पा आज भी कहर बरपा सकते हैं और रणजी में जलवा बिखेर भी रहे हैं। अभी रणजी में केरल की ओर से खेलते हुए रॉबिन उथप्पा (102) ने दिल्ली के खिलाफ प्रथम श्रेणी करियर के 22वें शतक में सात चौके और तीन छक्के मारे।

युवा को इंतजार :

ये तो पक्का है टीम इंडिया में विकेट कीपर की जगह खाली होने वाली है। धोनी को रिटायरमेंट लेना होगा, लेकिन उनकी जगह किसे दी जाए? अहम सवाल ये उठ रहा है। धोनी ने इंडिया ही नहीं बल्कि वर्ल्ड लेवल पर क्रिकेट फैंस को एंटरटेनमेंट की जो डोज दी है उनका सप्लिमेंट इतनी जल्दी मिल पाना संभव नहीं।

संजू सैमसन, ईशान किशन, हार्दिक देसाई, अंकुश बैंस और केएल राहुल भी वो नाम हैं जिनसे सिलेक्टर्स को आस है। इन नामों को संभावित चेहरा क्यों माना जा रहा है? आईये इस बारे में खुद इनके करियर फिगर्स से जान लेते हैं-

संजू सैमसन :

इस समय टीम इंडिया में विकेट कीपर की पोजीशन के लिए टक्कर मुख्य रूप से संजू सैमसन और ऋषभ पंत के बीच कही जा सकती है। सैमसन को पंत की अपेक्षा टीम में कम ही मौके मिल पाए हैं। अब ऋषभ पंत को टीम प्रबंधन आंख बंद कर अति प्रतिभाशाली कैसे मान ले रहा है, जब खुद मैदान में दर्शक पंत को उनके घटिया प्रदर्शन के कारण हूट कर रहे हैं। कप्तान का भी पंत पर अति मोह समझ से परे है।

कहना गलत नहीं होगा संजू सैमसन टीम में उनकी काबलियत के कारण हैं। बल्लेबाज विकेट कीपर संजू सैमसन चुस्त कीपिंग के साथ ही सुरक्षात्मक तरीके से तेज रन बटोरने में माहिर हैं। संजू सैमसन टीम इंडिया का सदस्य बनने के पहले, दिल्ली डेयरडेविल्स, इंडिया अंडर 19, केरल, राजस्थान रॉयल्स टीम का हिस्सा रह चुके हैं।

दाएं हाथ के विकेटकीपर बल्लेबाज ने भारत की ओर से एकमात्र टी20 मैच जिम्बॉवे के खिलाफ हरारे में जुलाई 2015 में खेला। जिसमें 24 गेंद खेलकर 19 रन बनाए लेकिन विकेट कीपिंग-बॉलिंग का मौका नहीं मिला। हाल ही में विजय हजारे ट्रॉफी मैच में गोवा के खिलाफ केरल की टीम की ओर से मात्र 129 गेंदों पर 212 रन बना डाले।

इस आतिशी पारी में 21 चौके और 10 शानदार छक्के शामिल रहे। प्रथम श्रेणी के 53 मैचों की 87 पारियों में 7 बार नाबाद रहकर 2945 रन बनाए इस दौरान उनका सर्वाधिक स्कोर 211 रन रहा। संजू के नाम इस क्लास में 9 सैंचुरी, 11 हाफ सैंचुरी, 340 चौके और 65 छक्के रिकॉर्ड में दर्ज हैं। बतौर विकेटकीपर प्रथम श्रेणी में 71 कैच पकड़ कर 7 बल्लेबाजों को स्टंपिंग आउट कर चुके हैं। टी20 करियर में कुल 75 कैच लपककर 11 स्टंपिंग उन्होंने की है।

यह विकेट कीपर बल्लेबाज प्रथम श्रेणी टी20 में एक बार गेंदबाजी करते हुए एक ओवर में मात्र 3 गेंदों में ही एक विकेट अपने नाम कर चुका है।

IPKPK :

यानी ईशान प्रणव कुमार पांडेय किशन। पटना बिहार के 21 वर्षीय युवा क्रिकेटर का प्रदर्शन भी काबिल-ए-गौर है। ईशान किशन गुजरात लॉयंस, इंडिया ए, इंडियन बोर्ड प्रेसिडेंट्स इलेवन, झारखंड, झारखंड अंडर 19 जैसी सम्मानित टीमों के साथ ही मुंबई इंडियंस जैसी व्यवसायिक टीमों का हिस्सा रहे हैं।

फर्स्ट क्लास में उनकी 273 रनों की चमकीली पारी नंबर फर्स्ट है। फर्स्ट क्लास 42 मैचों की 72 पारियों में IPKPK 2639 रन बना चुके हैं। इसमें पांच शतक, 15 अर्धशतक, 323 चौके, 65 छक्के, 85 कैच, 11 स्टंपिंग शामिल हैं। मतलब इनको क्रिकेट एंटरटेनमेंट का कम्प्लीट पैकेज कहा जा सकता है।

हार्दिक देसाई :

भावनगर सौराष्ट्र के इस विकेट कीपर बल्लेबाज ने फर्स्ट क्लास लेवल पर अपने मात्र 12 मैचों में ही सबका ध्यान खींचा है। 116 के हाई स्कोर के साथ दाएं हाथ के बल्लेबाज कीपर ने 831 रन बनाए हैं जबकि 6 अर्धशतक लगाकर 23 कैच पकड़े हैं। इंडिया अंडर 19, सौराष्ट्र अंडर 16 और 19 लेवल के मैचों में भी उन्होंने अपने प्रदर्शन की छाप छोड़ी है। फिलहाल ज्यादा मौका नहीं मिला है। अभ्यास मैचों से इंटरनेशनल सर्किट में एंटर कर सकते हैं।

अंकुश बैंस :

इन्हें साथी और क्रिकेट फैंस एकेएस बैंस भी कहकर बुलाते हैं। दरअसल उनके नाम अंकुश काटकर सिंह बैंस के कारण ये शॉर्ट नेम प्रिफर किया जाता है। हमीरपुर के 23 वर्षीय दाएं हाथ के विकेट कीपर बल्लेबाज को भी संभावित चेहरा माना जा रहा है।

धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स, दिल्ली कैपिटल्स, डेलही डेयरडेविल्स, हिमाचल प्रदेश, इंडिया अंडर-19, राजस्थान रॉयल्स, राइजिंग पुणे सुपर जायंट्स जैसी टीमों का हिस्सा अंकुश बन चुके हैं। फर्स्ट क्लास करियर के 44 मैचों में इनका सर्वाधिक स्कोर 161 रन हैं। तीन बार नाबाद रहकर कुल जमा 6 शतक लगाए हैं, 7 अर्धशतक मारे हैं। 86 कैच और 22 स्टंपिंग भी इनके रिकॉर्ड का मजबूत पक्ष है।

केएल राहुल :

करण जौहर के संग कॉफी पी चुके सेलिब्रिटी विकेटकीपर बल्लेबाज को क्रिकेट की दुनिया में अब नया कहना बेमानी होगा। इंडियन टीम के साथ जुड़े हुए केएल राहुल को एक तरह से पांच सालों से ज्यादा का वक्त हो गया है। इनके प्रदर्शन में निरंतरता का अभाव देखने को मिला है।

टेस्ट में 199 का उच्च स्कोर जरूर है लेकिन निरंतरता नहीं है। टेस्ट, ओडीआई, टी20 किसी भी लेवल पर एक भी स्टंपिंग इनके रिकॉर्ड में नहीं है। हां ये बात जरूर है कि टेस्ट में 5, वनडे-टी20 क्रिकेट में दो-दो शतक इनके नाम जरूर दर्ज हैं। तेजी से मांग उठ रही है कि, यदि केएलराहुल विकेटकीपर हैं, तो उनको पेशेवर तौर पर विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में टीम में आजमाया जाए, ताकि उनकी काबलियत साबित हो सके।

ऋषभ पंत :

आरआर यानी ऋषभ राजेंद्र पंत भारतीय टीम, दिल्ली, दिल्ली कैपिटल्स, डेलही डेयरडेविल्स, दिल्ली अंडर 19 टीमों का हिस्सा रहे हैं। लेफ्ट-हैंड विकेट कीपर बल्लेबाज टीम में मिले बंपर मौकों को कैश करने में अब तक तो नाकाम ही रहे हैं, न तो उनके बल्ले से रन बरस रहे हैं, न ही उनकी आतिशी पारी दर्शकों को देखने को मिल रही है जिसका कि प्रचार किया जाता है। हां हूटिंग जरूर हो रही है।

पंत ने टेस्ट में 159 नाबाद सर्वोच्च पारी के साथ 2 शतक, 2 अर्धशतक लगाए हैं। 51 कैच पकड़े हैं, 2 स्टंपिंग कीं हैं। वनडे में 12 मैचों में भरपूर मौकों के बाद भी 48 सर्वाधिक के साथ मात्र 229 रन ही बना सके हैं जबकि, मात्र 7 कैच ही पकड़ पाए हैं। टी20 करियर के 25 मैचों में 65 सर्वाधिक के साथ 409 रन बनाए हैं 6 कैच पकड़कर 3 स्टंपिंग कीं हैं। क्या पंत को टीम में रखा जाए बरकरार या फिर नए खिलाड़ियों को मौका देना होगा कारगर? अपने विचार हमारे साथ शेयर करें।

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