रोनाल्डो बोले करियर में लगी चोटों ने बनाया मुझे बेहतर व्यक्तित्व
रोनाल्डो बोले करियर में लगी चोटों ने बनाया मुझे बेहतर व्यक्तित्वNeha Shrivastava - RE

रोनाल्डो बोले करियर में लगी चोटों ने बनाया मुझे बेहतर व्यक्तित्व

ब्राजील के फुटबॉल दिग्गज रोनाल्डो का मानना है कि उनके करियर में लगी चोटों ने उन्हें एक बेहतर इंसान और फुटबॉलर बनाया है।

राज एक्सप्रेस। ब्राजील के फुटबॉल दिग्गज रोनाल्डो का मानना है कि उनके करियर में लगी चोटों ने उन्हें एक बेहतर इंसान और फुटबॉलर बनाया है। हालांकि उन्होंने यह भी माना इन चोटों ने उनका कैरियर समय से पहले ही खत्म कर दिया।

विश्व कप में दो बार विजेता बन चुकी टीम के सदस्य रहे रोनाल्डो (Ronaldo) को एसी मिलान की तरफ से खेलते हुए 5 महीने के अंदर दो बार घुटने में गंभीर जख्म हो गए थे। उनकी चोट इतनी गहरी थी कि उन्हें इससे उबरने में 2 साल का वक्त लग गया था। उन्होंने साल 2002 विश्व कप में ब्राजील की राष्ट्रीय टीम में वापसी की थी। जहां उन्होंने 8 गोल किए थे और अपनी टीम को विजेता बनाने में अहम किरदार निभाया था। उन्होंने योकोहमा में जर्मनी के खिलाफ फाइनल में दो गोल दागे थे।

रोनाल्डो ने सोशल मीडिया पर बताया सच

महामारी होने के चलते सभी खिलाड़ी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बातचीत करते नजर आते हैं, रोनाल्डो भी इस दौरान इंस्टाग्राम पर लाइव चैट कर रहे थे, उन्होंने अर्जेंटीना के पूर्व मिडफील्डर जुआन सेबेस्टियन वेरोन के साथ गुरुवार को कहा कि

मैं चोटिल ना होने की पूरी कोशिश करता था, लेकिन चोटिल होने से मेरी जिंदगी बदली, चोटों ने मुझे एक जिम्मेदार, अनुशासित और बेहतर इंसान बनाने में मदद की है।

रोनाल्डो, पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी

जानकारी के लिए बता दें कि रोनाल्डो को साल 2008 फरवरी में भी मिलान के लिए खेलते वक्त घुटने में गहरी चोट लग गई थी। जिसके कारण यूरोप में उनका कैरियर मात्र 31 वर्ष की आयु में ही खत्म हो गया था।

4 साल और खेल सकता था

उन्होंने आगे की बातचीत में कहा कि मैं इन चोटों के बिना 4 साल और खेल सकता था, लेकिन शायद यह चेतावनी थी। मैं बस शुक्रगुजार हूं, मेरा करियर शानदार रहा, मैंने बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ खेला, जिसमें से वेरोन आप भी एक हैं।

साल 2018 में कि थी वापसी की कोशिश

रोनाल्डो द्वारा बताया गया कि साल 2018 के सितंबर में स्पेन के रियल वालाडोलिड टीम के मालिक बनने के बाद फुटबॉल में वापसी की कोशिश की थी।

उन्होंने कहा कि यह महज एक योजना थी, मैंने बहुत कुछ सहन किया, लेकिन आज के युवा खिलाड़ी बहुत तेज है, जब मैंने वालाडोलिड टीम खरीदी तो मैंने सोचा कि अगर मैं कुछ त्याग करूं और तीन चार महीने तक ट्रेनिंग लूं तो मैं कुछ मैच खेल सकता हूं।

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