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सचिन तेंदुलकर को भी नहीं पसंद आया 4 दिन के टेस्ट मैच का प्लान
सचिन तेंदुलकर को भी नहीं पसंद आया 4 दिन के टेस्ट मैच का प्लान|Social Media
खेल

सचिन तेंदुलकर को भी नहीं पसंद आया 4 दिन के टेस्ट मैच का प्लान

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज सचिन तेंदुलकर 4 दिन के टेस्ट को लेकर सहमत नहीं है, उनका मानना है की टेस्ट क्रिकेट के प्रारूप में बदलाव की जरूरत नहीं है।

Ankit Dubey

राज एक्सप्रेस। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) 4 दिन के टेस्ट को लेकर सहमत नहीं है, उनका मानना है की टेस्ट क्रिकेट के प्रारूप में बदलाव की जरूरत नहीं है। इससे छेड़छाड़ करना गलत होगा। उन्होंने आईसीसी के प्रस्ताव की वजह बताते हुए कहा कि यह सिर्फ खेल का व्यवसायीकरण है, इससे क्रिकेट की मूल भावना पर असर होगा। ऐसा नहीं है कि, सिर्फ सचिन तेंदुलकर ही 4 दिन के टेस्ट को लेकर विरोध में है, इससे पहले विराट कोहली, रिकी पोंटिंग, जस्टिन लैंगर और नाथन लॉयन के अलावा शोएब अख्तर भी 4 दिन के टेस्ट को लेकर विरोध जता चुके हैं।

दुनिया के सबसे पुराने फॉर्मेट से छेड़छाड़ करना गलत

सचिन तेंदुलकर की माने तो वर्षों से चले आ रहे, इस प्रारूप को 4 दिन का करना गलत होगा। उन्होंने एक समाचार पत्र से बातचीत में बताया कि ..

"मैं टेस्ट क्रिकेट के प्रारूप में बदलाव के समर्थन में नहीं हूं, यह वैसा ही रहना चाहिए जैसा कई सालों से चला आ रहा है। यह सीमित ओवरों की क्रिकेट का विस्तार हो जाएगा, दूसरे दिन लंच पर बल्लेबाज सोचने लगेंगे कि अब खेल ही सीमित है, इससे बल्लेबाज और गेंदबाज की सोच में बदलाव होंगे, अगर टेस्ट मैच का 1 दिन कम हो जाएगा, तो स्पिनर्स को भी नुकसान होंगे। मैच के आखिरी दिन पिच टर्न होती है, इसका फायदा स्पिनर्स को मिलता है। 2 दिन तो स्पिनर्स को जरा भी फायदा नहीं होता। तेज गेंदबाज भी आखरी दिन गेंदबाजी करना पसंद नहीं करते"।

सचिन तेंदुलकर, पूर्व भारतीय क्रिकेटर

यह खेल का व्यवसायीकरण

सचिन ने बताया कि आईसीसी (ICC) का यह प्रस्ताव सिर्फ एक व्यवसायिक गतिविधि है। उन्होंने कहा

"4 दिन के टेस्ट मैच का प्रस्ताव दर्शकों को लुभाने के लिए रखा गया है, पहले ही हम टेस्ट से वनडे और T20 की तरफ बढ़ चुके हैं, अब T10 प्रारूप भी चलन में है, लेकिन इसका जो शुरुआती प्रारूप है, टेस्ट क्रिकेट कम से कम उससे कोई भी छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए। कम से कम एक ऐसा फॉर्मेट हो जहां बल्लेबाज अपना कौशल और तकनीक दिखा सके और उसकी परीक्षा हो।"

सचिन तेंदुलकर, पूर्व भारतीय क्रिकेटर

सचिन तेंदुलकर ने दिया यह सुझाव

सचिन तेंदुलकर ने साथ ही यह भी सुझाव दिया है कि, अगर टेस्ट क्रिकेट को बेहतर करना है, तो अच्छी पिच तैयार करनी होगी। अगर पिच अच्छी हो तो मैच पकाऊ नहीं बनेगा, पिच एसी बनना चाहिए जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों को फायदा दे।

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