आज भारत के दो पूर्व कप्तानों के लिए यादों से भरा दिन,यह था कारण
आज भारत के दो पूर्व कप्तानों के लिए यादों से भरा दिन,यह था कारण|Social Media
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आज भारत के दो पूर्व कप्तानों के लिए यादों से भरा दिन, यह था कारण

आज का दिन क्रिकेट जगत के लिए बड़ा खास है, खासकर उन दो कप्तानों के लिए जिन्होंने भारतीय टीम के लिए यादगार भूमिकाएं निभाई हैं।

Ankit Dubey

राज एक्सप्रेस। आज का दिन क्रिकेट जगत के लिए बड़ा खास है, खासकर उन दो कप्तानों के लिए जिन्होंने भारतीय टीम के लिए यादगार भूमिकाएं निभाई हैं। हम बात कर रहे हैं सौरव गांगुली और महेंद्र सिंह धोनी की आज 23 मार्च का दिन दोनों ही कप्तानों के लिए बेहद यादगार दिन है। महेंद्र सिंह धोनी के लिए यह दिन काफी यादगार रहा और सुखद भी, लेकिन सौरव गांगुली के लिए यह दिन भुला पाना काफी मुश्किल है, क्योंकि इस दिन भारत को सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा था।

आज हम आपको बता रहे हैं वनडे विश्व कप और टी20 विश्व कप की वह कहानी, जिसमें दो कप्तानों ने निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका।

वनडे विश्व कप में मिली थी करारी शिकस्त

भारतीय टीम को आज ही के दिन 17 साल पहले वनडे विश्व कप के फाइनल में करारी शिकस्त देकर ऑस्ट्रेलिया लगातार दूसरी बार विश्व विजेता बना था। सौरव गांगुली के लिए यह दिन बेहद बुरा रहा, उन्होंने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया और भारत के सामने ऑस्ट्रेलिया ने 359 रनों का ताबड़तोड़ लक्ष्य रख दिया। भारत जवाब में बुरी तरह हार गया था। सौरव गांगुली के लिए यह दिन बहुत ही बुरा था, क्योंकि उन्होंने भारत की टीम को बेहतरीन तरीके से तैयार कर फाइनल तक पहुंचाया था।

भारतीय टीम से केवल वीरेंद्र सहवाग ने इस मैच में 82 रन बनाए थे, भारत को 125 रनों से बड़ी हार का सामना करना पड़ा था। इस मैच में ताबड़तोड़ कप्तानी करते हुए ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पोंटिंग ने 140 रनों की पारी खेलकर पूरा मैच पलट दिया था।

महेंद्र सिंह धोनी के लिए बना खास दिन

23 मार्च का दिन भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए बेहद खास रहा, उन्होंने T20 विश्व कप में उसैन बोल्ट की तरह मैच की आखिरी गेंद पर इस तरह रन आउट किया कि मानो बांग्लादेश से जीता हुआ मैच छीन लिया। यह मैच बेंगलुरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला गया था। जिसमें भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 146 रन बनाए थे, जवाब में बांग्लादेश की टीम आसानी से लक्ष्य का पीछा कर रही थी, लेकिन धोनी ने अपनी कप्तानी और सूझबूझ से बांग्लादेश से जीता जिताया मैच छीन लिया था।

कुछ यूं थे आखिरी ओवर के रोमांचक पल

बांग्लादेश को आखिरी ओवर में 11 रनों की जरूरत थी, कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने गेंद को हार्दिक पांड्या के हाथ में सौंपा। पिच पर बल्लेबाजी कर रहे थे, मुश्फिकर रहीम और महमदुल्ला दोनों ही क्रीज पर डटे हुए थे, सभी प्रशंसकों को लग रहा था कि इन अनुभवी प्लेयरों के होते हुए बांग्लादेश हार नहीं सकता, ओवर की पहली गेंद पर महमदुल्ला ने 1 रन बनाया, जिसके बाद दूसरी गेंद पर मुश्फिकर रहीम ने एक चौका जड़ दिया, तीसरी गेंद पर भी मुश्फिकर रहीम ने जबरदस्त हिट लगाई और चौका जड़ा, पूरा मैच बांग्लादेश की पकड़ में था।

3 गेंदों पर 2 रन की जरूरत थी, लेकिन आखिरी 3 गेंदों में भारत ने पासा पलट दिया। भारत ने 2 गेंदों में दोनों के विकेट निकाल दिए, आखिरी गेंद पर 2 रनों की आवश्यकता थी, आखिरी गेंद पर हार्दिक पांड्या ने बाउंसर बॉल फेकी, गेंद सीधा महेंद्र सिंह धोनी के हाथों में गई, वह विकेट की तरफ दौड़े और उसैन बोल्ट की तरह तेज रफ्तार में दौड़कर रन आउट कर दिया, इस तरह भारत को 1 रन से जीत मिली।

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