अफगानिस्तानी राजदूत का बयान- भारत जैसी मदद अब तक किसी दूसरे देश ने नहीं दी
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अफगानिस्तानी राजदूत का बयान- भारत जैसी मदद अब तक किसी दूसरे देश ने नहीं दी

अफगानिस्तानी राजदूत ने पाकिस्‍तान को चेताया और कहा- तालिबान से दोस्ती ना करे। आतंकवाद से दोस्ती कभी रंग नहीं लाती है। तो वहीं, भारत की तारीफ कर धन्‍यवाद दिया।

अफगानिस्तानी। अफगानिस्तानी के राजदूत फरीद मामुन्दजई भारत में है, इस दौरान उन्‍होंने कहा, भारत एक प्रमुख भागीदार रहा है। तो वहीं, तालिबान से दोस्ती करने को लेकर पाकिस्‍तान पर जमकर भड़के और चेताते हुए ये बात भी कही।

तालिबान को पाकिस्तान से मिल रही मदद :

भारत में अफगानिस्तान के राजदूत फरीद मामुन्दजई ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए से दावा किया है कि, ''तालिबान को पाकिस्तान से मदद मिल रही है। तालिबान का पाकिस्तान के क्वेटा, पेशावर में नेतृत्व परिषद है। तालिबान के परिवार और निवेश पाकिस्तान में है। तालिबान को पाकिस्तान की मदद नहीं मिलती तो अफ़ग़ानिस्तान में हालात ख़राब नहीं होते।''

इनसे दोस्ती अच्छी नहीं है। आज इन बुरे हालातों से हमारा सामना हो रहा है, कल शायद पाकिस्तान की भी नौबत आ जाए। हमारी पाकिस्तान से निवेदन है कि, तालिबान से दोस्ती ना करे। आतंकवाद से दोस्ती कभी रंग नहीं लाती है।

अफगानिस्तानी के राजदूत फरीद मामुन्दजई

भारत जैसी मदद किसी दूसरे देश ने नहीं दी :

अफगानिस्तानी के राजदूत फरीद मामुन्दजई ने आगे ये भी कहा- भारत ने हमें वायु सेना में जितनी मदद दी है, उस तरह की मदद हमें अब तक इस इलाके में किसी दूसरे देश ने नहीं दी। जितने हथियार हमें भारत ने दिए हैं उतने हथियार हमें अब तक किसी दूसरे देश ने नहीं दिए। इसके लिए मैं भारत का धन्यवाद करता हूं।

बता दें कि, पाकिस्तान में इमरान की सरकार है और उनकी नापाक हरकतों की वजह से उसके अपने ही मंत्री समय-समय पर कुछ ऐसे बयान देकर पाकिस्तान की पोल खोल देते हैं। अब बीते दिनों ही अफगानिस्तान में बढ़ती हिंसा के बीच पाकिस्तान के बड़बोले गृह मंत्री शेख राशिद अहमद ने खुद यह कबूल किया था कि, "अफगानिस्तान के तालिबानी आतंकवादियों के परिवार राजधानी इस्लामाबाद समेत उनके देश में अफगान तालिबान के परिवार रहते हैं। तालिबानी आतंकवादियों के परिवार पाकिस्तान के रवात, लोई बेर, बारा काहू और तरनोल जैसे इलाकों में रहते हैं। कभी उनके शव आते हैं और कभी-कभी वे यहां अस्पतालों में उपचार के लिए आते हैं।"

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