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एशिया

“मैंने प्रधानमंत्री के पद से हटने का फैसला किया है”

“यदि मैं अपने लोगों के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्णय नहीं ले सकता तो मैं प्रधान मंत्री नहीं बन सकता।”

Neelesh Singh Thakur

हाइलाइट्स –

  • उगते सूरज के देश के हैं प्रधानमंत्री

  • भारत से गहरा नाता है जापान का

  • गणतंत्र दिवस परेड में बने चीफ गेस्ट

  • जापान में सबसे ज्यादा अवधि वाले हैं PM

राज एक्सप्रेस। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने इस्तीफा दे दिया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट्स के अनुसार पीएम शिंजो आबे ने खराब सेहत संबंधी वजहों से इस्तीफा दिया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात के संकेत भी मिले।

वजह बनी यह बीमारी -

प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिंजो आबे ने कहा कि “मैंने प्रधानमंत्री के पद से हटने का फैसला किया है।” जापानी पीएम आबे अल्सरेटिव कोलाइटिस की समस्या से काफी दिनों से जूझ रहे हैं।

प्रधानमंत्री शिंजो आबे की स्वास्थ्यगत समस्या के कारण उनके कार्यकाल के बारे में पिछले कई सप्ताह से अटकलों का दौर जारी था। पीएम आबे पिछले दिनों लगातार तेज बुखार के कारण जांच के लिए दो बार अस्पताल भी गए।

कर्तव्य निर्वहन प्रथम -

पीएम आबे ने कहा मैं अपनी बीमारी के लिए एक नया ईलाज करा रहा हूं। इस उपचार के लिए नियमित जांच और देखरेख की जरूरत पड़ेगी। इस वजह से ईलाज के दौरान मैं अपने कर्तव्य निर्वहन के लिए पर्याप्त समय नहीं दे पाऊंगा।

'अब जबकि मैं विश्वास के साथ लोगों से प्राप्त जनादेश को पूर्ण करने में अक्षम हूं, तो मैंने फैसला किया है कि मुझे अब प्रधानमंत्री के पद पर नहीं रहना चाहिए।

फिलहाल बने रहेंगे पद पर-

एजेंसी की खबर के मुताबिक जब तक पीएम आबे की सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी उत्तराधिकारी नहीं चुन लेती तब तक वे पद पर बने रहेंगे।

शिंजो आबे खास-खास –

अनुभवी प्रधानमंत्री शिंजो आबे के नाम जापान में सबसे अधिक समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहने का रिकॉर्ड है। जापान को मंदी के दौर से निकालने में भी पीएम आबे की अहम भूमिका हमेशा सराही गई।

आबे से पहले विश्व में जापान देश की छवि प्रधानमंत्री पद का कार्यकाल बेहद कम अवधि वाली थी। आबे ने इस छवि से उलट लंबे समय तक देश का प्रतिनिधित्व किया।

पीएम आबे के शासनकाल में जापान और अमेरिका के साथ संबंध मजबूत रहे। हालांकि यह भी स्पष्ट है कि आबे की अति राष्ट्रवाद नीति से ही कोरिया और चीन से संबंधों में तल्खी भी आई।

पीएम आबे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, -“यदि मैं अपने लोगों के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्णय नहीं ले सकता तो मैं प्रधान मंत्री नहीं बन सकता।” नियमानुसार आबे का कार्यकाल सितंबर, 2021 में खत्म होगा।

भारत से गहरा नाता -

शिंजो आबे जापान के ऐसे पहले प्रधानमंत्री रहे हैं जो भारत के गणतंत्र दिवस की परेड में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।

डिस्क्लेमर – आर्टिकल प्रचलित रिपोर्ट्स पर आधारित है। इसमें शीर्षक-उप शीर्षक और संबंधित अतिरिक्त प्रचलित जानकारी जोड़ी गई हैं। इस आर्टिकल में प्रकाशित तथ्यों की जिम्मेदारी राज एक्सप्रेस की नहीं होगी।

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