भारत सहित अन्य देशों के साथ फिर से संबंध स्थापित करे श्रीलंका : विक्रमसिंघे
भारत सहित अन्य देशों के साथ फिर से संबंध स्थापित करे श्रीलंका : विक्रमसिंघेSocial Media

भारत सहित अन्य देशों के साथ फिर से संबंध स्थापित करे श्रीलंका : विक्रमसिंघे

श्रीलंका के पूर्व प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने रविवार को कहा कि देश की प्राथमिकता भारत, चीन, अमेरिका और अन्य देशों के साथ संबंधों को फिर से स्थापित करना है।

कोलंबो। श्रीलंका के पूर्व प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने रविवार को कहा कि देश की प्राथमिकता भारत, चीन, अमेरिका और अन्य देशों के साथ संबंधों को फिर से स्थापित करना है ,ताकि उनका समर्थन प्राप्त किया जा सके तथा मौजूदा हालातों पर काबू पाया जा सके। श्री विक्रमसिंघे ने चेतावनी दी कि विश्व बैंक ने एक वैश्विक खाद्य संकट की चेतावनी दी है, जो 2024 तक चलेगा। इससे श्रीलंका भी प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि देश की प्राथमिकता चीन, भारत, अमेरिका और अन्य देशों के साथ संबंधों को फिर से स्थापित करना है।

पूर्व प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे ने जाथिका सेवक संगमया द्वारा आयोजित मई दिवस की एक बैठक में कहा, ''देश में ईंधन और उर्वरक संकट जारी है। रोजमर्रा के सामानों की कीमत आसमान छू रही है और विश्व बैंक ने खाद्य संकट की भविष्यवाणी की है जो 2024 तक रह सकता है। श्रीलंका को इन मुद्दों को हल करने के लिए प्राथमिकता देनी चाहिए।" उन्होंने कहा, ''हमें आर्थिक संकट का समाधान खोजने की जरूरत है।"

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, ''चीन और जापान जैसे देश श्रीलंका से अपना रूख अलग कर लिए हैं। उनके साथ राजनयिक संबंध फिर से स्थापित करना जरूरी है।" उन्होंने कहा, ''इसके अलावा, इंडोनेशिया जैसे देशों को कुछ साल पहले उनके बैंकिंग क्षेत्र में गिरावट के साथ आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा था। श्रीलंका उनके साथ बातचीत कर सकता है और देश में व्याप्त मुद्दों को हल करने के लिए उनके अनुभव का उपयोग कर सकता है। भारत से बात करना भी जरूरी है।"

श्री विक्रमसिंघे ने कहा, विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक जैसे अन्य संस्थानों के साथ बातचीत करना भी संभव है। हम तय कर सकते हैं कि हमें किससे बात करनी चाहिए और सहायता प्राप्त करने के लिए वार्ता शुरू करनी चाहिए।

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