नेपाल की जमीनों पर चीन का कब्जा-ओली सरकार की चुप्‍पी पर उठे सवाल
नेपाल की जमीनों पर चीन का कब्जा-ओली सरकार की चुप्‍पी पर उठे सवाल|Social Media
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नेपाल की जमीनों पर चीन का कब्जा-ओली सरकार की चुप्‍पी पर उठे सवाल

नेपाल की जमीनों पर चीन ने कब्जा किए जाने के इस नापाक कदम पर नेपाल सरकार ने चुप्‍पी साध रखी है, जिसके चलते अब वे सवालों के घेरे में है। भारत को अकड़ दिखाने वाला नेपाल क्‍या अब चीन के साथ दिखा पाएगा?

Priyanka Sahu

Priyanka Sahu

नेपाल। नेपाल द्वारा नया नक्‍शा जारी कर लिपुलेख, लिम्प्याधुरा और कालापानी को अपने इलाके में बताने के बाद से ही भारत और नेपाल के बीच विवाद की स्थिति बनी है, इसी बीच अब नेपाल के कुछ इलाकों पर चीन की एंट्री भी हो गई यानी चीन ने नेपाल की जमीनों पर कब्जा कर लिया है, लेकिन चीन के इस कदम पर नेपाल की ओली सरकार ने चुप्‍पी साध रखी है।

सवालों के घेरे में नेपाल सरकार :

चीन द्वारा जमीनों पर कब्जा किए जाने के मामले और चीन के इस नापाक कदम के बावजूद भी नेपाल सरकार ने चुप्‍पी साध रखी है, इसी के चलते उनके खिलाफ आवाज उठने लगी है और वे सवालों के घेरे में हैं। वहीं, विपक्षी पार्टी नेपाली कांग्रेस के तीन सांसदों ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को पत्र लिखकर चीन से जमीन वापस लेने की मांग की है। बताया गया है कि, यह पत्र प्रतिनिधि सभा के सचिव के जरिए प्रधानमंत्री तक पहुंचाई गई है।

करीब 158 एकड़ जमीन पर चीन का कब्जा :

सांसदों के मुताबिक, ये बात सामने आई है कि, चीन ने नेपाल के कई जिलों की 64 हेक्टेयर (करीब 158 एकड़) जमीन पर कब्जा कर लिया है, इनमें हुमला, सिंधुपालचौक, गोरखा और रसुवा जिले शामिल हैं। चीन और नेपाल सीमा पर मौजूद पिलर नंबर 35 को चीन ने अपनी तरफ शिफ्ट कर लिया है। इससे गोरखा जिले का रुई गुवान गांव उनके कब्जे में चला गया। अब इस गांव के 72 परिवार चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (टीएआर) के नागरिक बताए जा रहे हैं। धारचूला जिले के 18 घरों पर भी चीन दावा कर रहा है।

क्‍या उठ रहे सवाल?

दरअसल, चीन के नेपाल की जमीन पर कब्‍जा करने की बात सामने आने के बाद अब सवाल खड़ा हुआ है कि, नेपाल ने भारत को तो कड़ा रवैया दिखाया, क्या अब वो चीन के साथ दिखा पाएगा?

इसके अलावा खबरों के मुताबिक, ये बात भी सामने आई हैं कि, रुई गुवान गांव में 60 साल से चीन का राज चल रहा है, लेकिन नेपाल सरकार ने कभी इसका विरोध नहीं किया। नेपाल सरकार के आधिकारिक नक्शे में भी यह गांव नेपाल की सीमा के भीतर ही दिखाया गया है। गोरखा जिले के रेवेन्यू दफ्तर में भी रुई गुवान गांव के लोगों से टैक्स वसूली के दस्तावेज हैं। हालांकि, यहां नेपाल सरकार ज्यादा एक्टिव नहीं है। शायद यही वजह है कि इस इलाके पर चीन ने कब्जा कर लिया है।

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