China was spying 24 lakh people around the world
China was spying 24 lakh people around the world |Social Media
दुनिया

PM मोदी सहित दुनियाभर के 24 लाख लोगों की जासूसी कर रहा था चीन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित बड़े विपक्षी नेताओं, खिलाड़ियों और संगठनों की जासूसी करने के मामले में अब चीन का नाम सामने आ गया है।

Kavita Singh Rathore

Kavita Singh Rathore

राज एक्सप्रेस। हाल ही में दुनियाभर के देशों से 24 लाख खास लोगों की जासूसी से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया था। इस मामले में अब बहुत बड़ा खुलासा हुआ है। इस जासूसी को लेकर बार बार शक की सुई भारत के पडोसी देश चीन पर जा रही थी, लेकिन अब खुलासा होने के बाद ये शक यकीन में बदल गया है। इस जासूसी मामले में चीन की सेना और खुफिया एजेंसी से जुड़ी कंपनी का नाम सामने आया है।

24 लाख लोगों में 10 हजार भारत के लोग शामिल :

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बड़े विपक्षी नेताओं, कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और सांसदों, विधायकों, खिलाड़ियों और संगठनों की जासूसी करने के मामले में अब चीन का नाम सामने आ चुका है। यह जासूसी चीनी सेना और चीन की खुफिया एजेंसी से जुड़ी कंपनी झेन्‍हुआ डाटा इंफॉरमेशन टेक्‍नॉलजी लिमिटेड द्वारा की जा रही थी। जिन लोगों की जासूसी की जा रही थी उन 24 लाख लोगों में 10 हजार लोग भारत और करीब 35 हजार लोग ऑस्‍ट्रेलिया के थे। इनमे सभी देश की नमी ग्रामी हस्तियां शामिल हैं।

चीन के इरादे साफ़ :

अभी तक चीन का मकसद सिर्फ भारत की सीमा पर की जा रही कार्यवाही का ही समझ आरहा था लेकिन इस खुलासे के बात चीन का अब असली रूप सामने आ चूका है। चीन की सरकार और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़ी टेक्नॉलजी वाली कंपनियों का गलत फायदा उठाते हुए चीन भारत की 10 हजार से भी ज्यादा हस्तियों और संगठनों की निगरानी कर रहा था।

इन लोगों की हो रही थी :

चीन द्वारा जिन लोगों की जासूसी की जा रही थी उनमें मुख्य तौर पर भारत से राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके परिवार के सदस्य, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, अशोक गहलोत, अमरिंदर सिंह, उद्धव ठाकरे, नवीन पटनायक, शिवराज सिंह चौहान, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी, रेलमंत्री पीयूष गोयल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत, सेना के कम से कम 15 पूर्व प्रमुखों, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबडे, सीएजी जीसी मूर्मू, स्टार्टअप टेक उद्यमी जैसे भारत पे के संस्थापक निपुण मेहरा, ऑथब्रिज के अजय तेहरान, देश के बड़े उद्यमी रतन टाटा और गौतम अडाणी जैसे दिग्गज लोग शामिल हैं।

अन्य क्षेत्र की हस्तियां :

बता दें, इन 10 हरा नामों में न केवल नेता शामिल है बल्कि चीन की भारत के सभी क्षेत्रों से जुडी बड़ी हस्तियों की भी निगरानी कर रहा था। इन लोगों में उच्य पदों पर बैठे लोग जैसे- जज, वैज्ञानिक, विद्वान, पत्रकार, अभिनेता, खिलाड़ी, धार्मिक हस्ती, कार्यकर्ता आदि शामिल है। इसके अलावा चीन ने आर्थिक अपराध, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, ड्रग्स तस्करी, सोना, हथियार या वन्यजीव तस्करी के सैकड़ों आरोपियों का भी पूरा डेटाबेस हैक किया था। चीन भारत और अन्य देशो का डेटा चुरा कर इसका इस्तेमाल हाइब्रिड वॉर के लिए करना चाहता था। जिसे वह असैन्य तरीकों से दूसरे देशों को नुकसान पहुंचाता। चीन की कंपनी ने इसे ''इन्फॉर्मेशन पलूशन, परसेप्शन मैनेजमेंट एंड प्रोपेगैंडा'' नाम दिया है।

डेटा टूल्स के माध्यम से जुटाया डाटा :

चीन ने बिग डेटा टूल्स के माध्यम से दो महीने से अधिक समय तक जेनहुआ ऑपरेशंस के मेटा डेटा की जांच की और विशाल लॉग फाइल्स से जासूसी की जद में आए भारतीयों के नाम हासिल किए। कंपनी इसे ओवरसीज की इन्फॉर्मेशन डेटाबेस (OKIDB) नाम दिया है। इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जर्मनी, यूनाइटेड अरब अमीरात का डेटा भी है।

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