फिनलैंड : अब कुत्ते लगाएंगे कोरोना के संक्रमण का पता

फिनलैंड : अब फिनलैंड में 'प्रशिक्षित कुत्ते' कोरोना से संक्रमित मरीजों का भी पता लगाएंगे। जी हां, आपको सुन कर आश्चर्य और हैरानी हो रहा होगा, लेकिन यह सच है।
फिनलैंड : अब कुत्ते लगाएंगे कोरोना के संक्रमण का पता
Dogs will detect corona infection in FinlandSocial Media

फिनलैंड : बीते महीनों के दौरान प्रधान मोदी संबोधन के दौरान देश की सेना के साथ शामिल कुत्तों की भूमिका के बारे में बात की थी। उन्होंने बताया था कि, कैसे कुत्ते देश के दुश्मनों के ठिकानों और उनका पता सूंघ कर लगा लेते हैं। वहीं, अब 'प्रशिक्षित कुत्ते' ही कोरोना से संक्रमित मरीजों का भी पता लगाएंगे। जी हां, आपको सुन कर आश्चर्य हो रहा होगा, लेकिन यह सच है।

छोटे सैंपल से लगाएंगे कोरोना का पता :

बताते चलें, फिनलैंड के हवाई अड्डों इन 'प्रशिक्षित कुत्तों' की तैनाती को लेकर फिनलैंड के हवाई अड्डों का संचालन देखने वाली कंपनी फिनएविया ने बताया है कि, 'यह कुत्ते 10-100 मॉलिक्यूल्स वाले सैंपल को सूंघकर भी कोरोना संक्रमण का पता आसानी से लगा सकते हैं, जबकि RT-PCR टेस्ट के लिए 18 लाख मॉलिक्यूल्स की जरूरत होती है। बता दें, यह एक प्रकार का प्रोजेक्ट है जिसे हेलसिंकी हवाई अड्डे का संचालन देखने वाली कंपनी फिनएविया ने शुरू किया है।'

कुत्ते करेंगे कोरोना से संक्रमित मरीजों की पहचान :

दरअसल, पूरी दुनिया में बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच सभी देश कोरोना से संक्रमित मरीजों का पता लगाने के लिए कोई न कोई उपाय ढूंढ रहे हैं। ऐसे में फिनलैंड ने कोरोना के मरीजों का पता लगाने के लिए एक नया तरीका निकाला है। जिसके तहत फिनलैंड द्वारा हेलसिंकी हवाई अड्डे पर कोरोना संक्रमितों की पहचान करने के लिए 16 प्रशिक्षित कुत्ते तैनात किए गए हैं। जो, सूंघकर कोरोना से संक्रमित लोगों की पहचान करेंगे। फिनलैंड इन कुत्तों की तैनाती इसी हफ्ते से एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की हैं, यह चार शिफ्टों में काम कर रहे हैं।

अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट :

बताते चलें, यह पायलट प्रोजेक्ट पूरी दुनिया में अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट है जिसे फिनलैंड के हवाई अड्डे पर 22 सितंबर से शुरू किया गया है। दुनिया में अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट है। क्योंकि, इस तरह का तरीका अब तक किसी देश ने नहीं अपनाया है। हालांकि, इस प्रोजेक्ट के तहत हवाई अड्डों पर आने जाने वाली यात्रियों का सीधा संपर्क कुत्तों से नहीं होगा। यात्री एक टेस्ट वाइप के जरिए अपना स्वैब देंगे। जिन्हें कुत्तों के आगे ले जाएगा और कुत्ते उसे सूंघकर संक्रमित मरीज का पता लगाएंगे। गौरतलब है कि, कुत्तों के सूंघने की शक्ति बहुत तेज होती है। उनकी सूंघने की क्षमता इंसानों की तुलना में 1,000 गुना ज्यादा होती है और वह सूंघकर ही कोरोना का पता भी लगा सकते हैं।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

Related Stories

Raj Express
www.rajexpress.co