ऑक्सीजन की कमी के बीच अब भारत की मदद के लिए आगे आया 'फ्रांस'
ऑक्सीजन की कमी के बीच अब भारत की मदद के लिए आगे आया 'फ्रांस' Syed Dabeer Hussain - RE

ऑक्सीजन की कमी के बीच अब भारत की मदद के लिए आगे आया 'फ्रांस'

समस्या के संकट काल में अमेरिका ने भी भारत से मुँह मोड़ लिया था। ऐसे समय में अब कई देश भारत की मदद के लिए आगे आरहे हैं। इसी कड़ी में अब फ़्रांस ने मदद का हाथ बढ़ाया है।

फ़्रांस-भारत। आज भारत की सबसे बड़ी समस्या कोरोना के साथ ही ऑक्सीजन की कमी भी बन चुकी है। भारत के अलग-अलग राज्यों से ऑक्सीजन की किल्लत होने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। यही कारण है कि, भारत में मौत का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। देश में कुछ अस्पतालों में तो ऑक्सीजन की कमी के चलते बेड्स की संख्या कम कर दी गई है। ऐसे हाल में भारत को जब कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही थी और समस्या के संकट काल में अमेरिका ने भी भारत से मुँह मोड़ लिया था। ऐसे समय में अब कई देश भारत की मदद के लिए आगे आरहे हैं। इसी कड़ी में अब फ़्रांस ने मदद का हाथ बढ़ाया है।

फ़्रांस ने बढ़ाया मदद का हाथ :

दरअसल, भारत में सोमवार को कोरोना का आंकड़ा साढ़े 3 लाख के पार था। ऐसे में भारत में ऑक्सीजन की कमी होने के चलते देशभर के अस्पतालों में हड़कंप मचा हुआ है। इस बीच, फ़्रांस ने भारत के सामने मदद का हाथ बढ़ा कर बहुत बड़ी राहत की खबर दी है। इस प्रस्ताव के मुताबिक, फ़्रांस भारत को ऑक्सीजन की सप्लाई करेगा । यदि ऐसा होता है तो इस महामारी से छाए संकट में ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे भारत को काफी राहत मिलेगी। इस बारे में फ़्रांस सरकार ने एक बयान जारी कर जानकारी दी। फ़्रांस सरकार द्वारा जारी किए गए बयान में कहा गया है कि,

'फ़्रांस कोरोना संकट के इस लड़ाई में भारत की मदद के लिए ऑक्सीजन की मुहैया कराएगा।'

फ़्रांस सरकार

अब अमेरिका भी करेगा मदद :

बताते चलें, फ़्रांस से पहले रूस और चीन जैसे देश भी भारत के सामने मदद के हाथ बढ़ा चुके हैं। इन देशों द्वारा दिए गए प्रस्तावों में भी भारत को ऑक्सीजन मुहैया कराने की बात कही गई है। इन दोनों देशों के बयान आने तक अमेरिका द्वारा भारत पर कच्चा माल भेजने को लेकर रोक लगा दी थी , हालांकि, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा अमेरिका से किए गए अनुरोध के बाद अब अमेरिका भी वैक्सीन निर्मित करने के लिए कच्चा माल मुहैया कराने को तैयार हो गया है। जबकि इससे पहले तक अमेरिका ने भारत को कच्चे मॉक का निर्यात करने पर बैन लगा दिया था।

बाइडेन प्रशासन पर दबाव :

अमेरिका का अचानक से फैसला बदलने का कारण यह भी माना जा रहा है कि, अमेरिका में बाइडेन प्रशासन पर वहां की अन्य पार्टियों द्वारा भारत की मदद करने को लेकर काफी दबाव बनाया जा रहा था। ऐसे में हो सकता है इसलिए अमेरिका अब भारत की मदद करने को तैयार हो गया है।

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