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नो शेव नवंबर
नो शेव नवंबर|Social Media
दुनिया

क्या खाली फैशन है 'नो शेव नवंबर'?

नो शेव नवंबर के चलते दाढ़ी बढ़ाने का पागलपन तो सब पर सवार है लेकिन क्या सच में ये एक फैशन भर है?

रवीना शशि मिंज

राज एक्सप्रेस। नवंबर का महीने आते ही नो शेव नवंबर ट्रेंड करने लगता है। विश्वभर के युवाओं में इस ट्रेंड को लेकर काफी क्रेज देखा गया है। लड़के पूरे महीने शेव नहीं करते, पर आखिर क्यों? हममें से अधिकतर लोगों को ये एक फैशन लगता है पर यह एक बेहतर उद्देश्य और लोगों की मदद करने के लिए उठाया गया कदम है।

आज से 10 साल पहले शिकागो के एक परिवार द्वारा शुरू हुआ एक समाजिक कार्य पूरे विश्व में नो शेव नवंबर के नाम से प्रसिद्ध हो गया है। इस महीने में लड़के शेव नहीं करके, पैसे बचाते हैं। आखिर क्या है, ये नो शेव नवंबर और शेव न कर के बचाए गए पैसों का क्या किया जाता है?

इनकी याद में मनाया जाता है नो शेव नवंबर

नवंबर के अंत तक चलने वाली नो शेव नवंबर मुहीम 10 साल पुरानी है। साल 2009 में इस नाम से एक मुहीम शुरू हुई थी। इसका मकसद शेविंग में होने वाले खर्च को बचाकर कैंसर पीड़ितों की मदद, उसकी शिक्षा एवं जागरूकता के लिए दान करना है। इस मुहीम में सबसे ज्यादा लड़कों का योगदान देखने को मिलता है।

शिकागो में मैथ्यु हिल नामक शख्स की नवंबर 2007 में कॉलोन कैंसर से मौत हो गई थी। जिसके बाद से उस परिवार के 8 बच्चों ने मिलकर इस मुहीम की शुरूआत की और नो शेव नवंबर नाम से एक संस्था की शुरूआत की।

हिल परिवार की इस मुहीम का लोग बढ़-चढ़ कर साथ दे रहे हैं। 'आंकड़े बताते हैं कि बीते 6 सालों में नवंबर में शेविंग का खर्चा बचाकर इस संस्था को अब तक 2 मिलियन डॉलर दान मिल चुका है।'