पैगंबर कार्टून विवाद: इस्‍लामि‍क समूह ने बांग्‍लादेश में किए जमकर प्रदर्शन

पैगंबर मोहम्‍मद साहब के कार्टून वाला मामला इस हद तक बढ़ गया कि, बांग्लादेश की राजधानी ढाका में इस्‍लामि‍क समूह के लगभग 10,000 लोगों ने मिलकर एक जुलूस निकाला।
पैगंबर कार्टून विवाद: इस्‍लामि‍क समूह ने बांग्‍लादेश में किए जमकर प्रदर्शन
Islamic group protests in Bangladesh due to Prophet cartoon controversySocial Media

बांग्लादेश। बीते दिनों फ़्रांस में पैगंबर मोहम्‍मद साहब को लेकर हुए विवाद के चलते इस्लामिक देशों ने #boycottfrenchproducts हैशटैग के साथ जमकर फ़्रांस के प्रॉडट्स का विरोध किया था। वहीं, अब यह विवाद थमने की जगह और बड़ा रूप ले चुका है। इसी के तहत मुस्लिम देशों ने फ्रांसीसी राष्‍ट्रपति के बयान के खिलाफ जाकर जुलूस निकाला है।

इस्‍लामि‍क समूह ने निकला जुलूस :

दरअसल, पैगंबर मोहम्‍मद साहब के कार्टून वाला मामला अब इस हद तक बढ़ गया कि, पैगंबर के कार्टून के प्रदर्शन का विरोध करने के लिए बांग्लादेश की राजधानी ढाका में इस्‍लामि‍क समूह के लगभग 10,000 लोगों ने मिलकर एक जुलूस निकाला। साथ ही इस जुलूस के माध्यम से पूरी दुनिया के मुसलमानों को फ्रांसी के प्रॉडक्ट्स का बहिष्कार करने का आग्रह किया। इसके अलावा मुस्लिम देशों ने सबसे ज्यादा आपत्ति फ्रांसीसी राष्‍ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के 'इस्लाम के चलते पूरी दुनिया संकट में है।' वाले बयान पर जताई है।

तुर्की के राष्‍ट्रपति ने की बयान की आलोचना :

तुर्की के राष्‍ट्रपति तैयप रेसेप एर्दोगान ने फ्रांसीसी राष्‍ट्रपति द्वारा इस्लाम को लेकर दिए गए बयान की आलोचना करते हुए कहा कि, 'फ्रांसीसी के मानसिक जांच की जरूरत है।'

10,000 इस्‍लामि‍क लोगों ने किया जमकर प्रदर्शन :

बताते चलें, फ्रांस के राष्‍ट्रपति के इस्लाम को लेकर दिए गए बयान पर तुर्की और पाकिस्‍तान सहित पूरी दुनिया के मुस्लिम देश उनकी आलोचना कर रहे है। इन देशो में सऊदी अरब और ईरान जैसे देश तक शामिल है जो कि, तुर्की के विरोधी देश हैं। इसी मामले में मलेशिया का कहना है कि, 'वह मुस्लिमों के प्रति खुलेआम बढ़ती आक्रामकता से बहुत चिंतित है। वहीं, ढाका में इसी मामले को लेकर एक समूह के 10,000 इस्‍लामि‍क लोगों ने जमकर प्रदर्शन करते हुए जुलूस निकला।

बैनर और तख्तियां लेकर पैदल निकाला जुलूस :

खबरों के अनुसार ये प्रदर्शनकारी बांग्‍लादेश में इस्लामिक कानून लागू करने की वकालत करने वाले एक इस्लामिक समूह ‘इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश’ के थे। यह सभी बैनर और तख्तियां लेकर पैदल चल रहे थे। इन बैनरों में लिखा था कि, ‘दुनिया के सभी मुसलमानों एकजुट हो जाओ' और 'फ्रांस का बहिष्कार करो'।

क्या था मामला :

दरअसल, फ्रांस में छात्रों को अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब समझाने के कारण प्रदर्शन के दौरान एक शिक्षक का सिर काट दिया गया। इस घटना की मुस्लिम देश कड़ी निंदा करने के बजाय फ्रांस के ही उत्पादों का बहिष्कार करने की मांग कर रहे थे। जिस शिक्षक का सिर कटा गया उसने पैगम्बर मोहम्मद के कार्टून वाले रेखाचित्र दिखाए थे। इसी के चलते ही यहां फ्रांसीसी प्रॉडक्ट का बहिष्कार इतना जोर पकड़े हुए है।

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