मॉडेर्ना की कोरोना वैक्सीन का इंतजार।
मॉडेर्ना की कोरोना वैक्सीन का इंतजार।|Social Media
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मॉडेर्ना की कोरोना वैक्सीन का इंसान पर ट्रायल सफल

"मॉडेर्ना की कोरोना वायरस वैक्सीन ने कोविड वायरस पर सुरक्षात्मक एंटीबॉडी बनाने के संकेत दिये हैं। यह संकेत कोविड-19 से उबरने वाले लोगों के स्तर की ही तरह होने का दावा किया गया है।"

Neelesh Singh Thakur

हाइलाइट्स

  • USA की फार्मा कंपनी का दावा

  • मॉडेर्ना ने कहा ह्यूमन ट्रायल सफल

  • वैक्सीन से एंटीबॉडी बनने के संकेत

  • मामूली साइड इफेक्ट्स, बाकी सब बढ़िया

राज एक्सप्रेस। ड्रग बनाने वाली कंपनी मॉडेर्ना ने उसके कोरोना वायरस वैक्सीन के बारे में उत्साहजनक परिणाम मिलने का दावा किया है। घातक महामारी COVID-19 का इलाज खोजने के लिए जारी वैश्विक दौड़ में कंपनी के इस दावे को मील का पत्थर कहा जा सकता है।

बायोटेक फर्म का दावा -

मैसाचुसेट्स की बायोटेक फर्म ने कहा कि SARS-CoV-2 वायरस पर कंपनी के mRNA वैक्सीन (mRNA-1273) से जुड़े प्रथम मानव परीक्षण के सकारात्मक रिजल्ट मिले हैं। कंपनी का कहना है कि परीक्षण के दौरान पता चला है कि उसका वैक्सीन एक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया करता है जो लोगों को घातक वायरस संक्रमण से बचाने में मददगार हो सकता है।

मॉडेर्ना की कोरोनो वायरस वैक्सीन के मानव पर परीक्षण के प्रारंभिक चरण में मिले सफलता के संकेत।

WHO में हैसियत -

गौरतलब है मॉडेर्ना का वैक्सीन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के शीर्ष 8 COVID-19 वैक्सीन उम्मीदवारों में से एक है। मॉडेर्ना को उसके mRNA-1273 वैक्सीन के चरण-2 परीक्षण को शुरू करने के लिए US FDA से अनुमोदन प्राप्त कर चुका है। हाल ही में 12 मई को FDA ने वैक्सीन को फास्ट-ट्रैक के संदर्भ में भी पहचान प्रदान की। फिलहाल मॉडेर्ना कंपनी तीसरे चरण के परीक्षण के लिए प्रोटोकॉल को अंतिम रूप दे रही है, जिसके संभवतः जुलाई 2020 में शुरू होने की उम्मीद है।

मॉडेर्ना और NIH -

गौरतलब है कि; मॉडेर्ना के SARS-CoV-2 वैक्सीन mRNA-1273 के अंतरिम चरण 1 का नेतृत्व अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के अंग राष्ट्रीय एलर्जी और संक्रामक रोग संस्थान (NIAID) ने किया।

कंपनी के मुताबिक आठ वॉलंटियर्स को mRNA-1273 वैक्सीन की दो खुराक दी गई थीं। इन खुराकों ने वॉलंटियर्स पर सकारात्मक असर दिखाया और इनमें कोरोना वायरस रोग से उबरने वाले लोगों के समान स्तर पर ही कोरोना वायरस के लिए सुरक्षात्मक एंटीबॉडी विकसित करने के संकेत मिले हैं।

कंपनी मॉडेर्ना ने कहा कि एंटीबॉडीज को निष्क्रिय करने के स्तर को 43 दिन (टीका की दो खुराकों के बाद) के स्तर पर या ऊपर के स्तर पर देखा गया है। जो आम तौर पर कोरोना वायरस संक्रमण से उबरने वाले लोगों के रक्त के नमूने में देखे जाते हैं।

वैक्सीन कितना सुरक्षित? -

कंपनी के अनुसार, वैक्सीन आमतौर पर शुरुआती परीक्षण में सुरक्षित पाया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक mRNA-1273 वैक्सीन ने SARS-CoV-2 के साथ चुनौती देने वाले जीव (चूहा) मॉडल में फेफड़ों में वायरल प्रतिकृति के खिलाफ पूरी सुरक्षा प्रदान की है। तीसरे चरण के लिए प्रत्याशित खुराक का परीक्षण जुलाई में शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।

“यदि परीक्षणों के परिणाम अच्छे आते हैं तो इस वर्ष के अंत तक या 2021 की शुरुआत में व्यापक उपयोग के लिए एक वैक्सीन उपलब्ध हो सकता है।”

तल ज़क्स, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मॉडेर्ना

मॉडेर्ना के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के मुताबिक अनुसंधान के आंकड़े रिसर्चर्स की इस धारणा को पुष्ट करते हैं कि mRNA-1273 में COVID-19 को रोकने की क्षमता है।

निवेश पर जोर -

मॉडेर्ना ने कहा कि वह अपने टीके के विनिर्माण को बढ़ाने के लिए निवेश कर रहा है ताकि कंपनी खुराक की संख्या को अधिकतम कर सके जो लोगों को कोविड-19 से बचाने में मदद कर सकें। गौरतलब है कि वर्तमान में कोरोना वायरस बीमारी से बचाव के लिए कोई विशिष्ट उपचार नहीं है। कुछ विशेषज्ञों का तो यह भी अनुमान है कि COVID-19 के खिलाफ एक सुरक्षित टीका अगले साल तक उपलब्ध नहीं हो सकेगा।

8 लोगों पर परीक्षण -

आपको ज्ञात हो अमेरिका में लोगों पर परीक्षण किया जाने वाला पहला कोरोना वायरस वैक्सीन सुरक्षित प्रतीत हो रहा है। मॉडेर्ना कंपनी के मुताबिक उसका वैक्सीन वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को प्रोत्साहित करने में सक्षम है। कंपनी के निष्कर्ष उन पहले आठ लोगों के परिणामों पर आधारित हैं, जिनमें से प्रत्येक को मॉडेर्ना के स्पेशल वैक्सीन की खुराक दी गई थी।

प्रतिकूल प्रभाव, मगर मामूली -

ज़क्स ने कहा वैक्सीन की तीन खुराक का निम्न, मध्यम और उच्च स्तर पर परीक्षण किया गया। ये प्रारंभिक परिणाम निम्न और मध्यम खुराक के परीक्षणों पर आधारित हैं। उन खुराक पर एकमात्र प्रतिकूल प्रभाव एक मरीज की बांह में लालिमा और खराश था जहां उसे शॉट दिया गया था। लेकिन उच्चतम खुराक पर, तीन रोगियों में बुखार, मांसपेशियों और सिर में दर्द के संकेत मिले थे हालांकि एक दिन बाद ये लक्षण दूर हो गए।

डिस्क्लेमर – आर्टिकल एजेंसी फीड और प्रचलित खबरों पर आधारित है। शीर्षक-उप शीर्षक और संबंधित अतिरिक्त प्रचलित जानकारी जोड़ कर इसे पठनीय बनाया गया है। इस आर्टिकल में प्रकाशित तथ्यों की जिम्मेदारी राज एक्सप्रेस की नहीं होगी।

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