ओमान के सुल्तान काबूस बिन सईद
ओमान के सुल्तान काबूस बिन सईद|ट्विटर
दुनिया

ओमान के सुल्तान की मौत, प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर जताया शोक

शुक्रवार 10 जनवरी को ओमान के सुल्तान काबूस बिन सईद अल सईद की लंबी बीमारी के चलते मौत हो गई। वे सबसे अधिक समय के लिए सुल्तान रहे।

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राज एक्सप्रेस। सऊदी अरब के पड़ोसी देश ओमान के सुल्तान काबूस बिन सईद अल सईद का निधन हो गया है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, सुल्तान का निधन शुकवार 10 जनवरी 2020 को हुआ। जिसके चलते ओमान में 3 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है।

समाचार एजेंसी एएनआई ने रॉयटर्स के हवाले से ट्वीट कर यह जानकारी दी-

काबूस बिन 79 वर्ष के थे। वे साल 1970 से ओमान के सुल्तान पद पर काबिज़ थे। सुल्तान के कार्यालय ने कहा कि, 'लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया।' उनके निधन पर रॉयल कोर्ट के दीवान ने शोक संदेश जारी किया है। काबूस बिन सईद ओमान में सबसे ज्यादा समय तक सुल्तान रहे। उन्होंने साल 1970 में अपने पिता को गद्दी से हटाकर, खुद को सुल्तान घोषित किया था।

काबूस पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। ऐसा माना जा रहा है कि वह पेट के कैंसर से पीड़ित थे। उनका कोई वारिस नहीं है। वे अविवाहित थे, उनकी कोई संतान या भाई नहीं था। ऐसे में देश की सत्ता किसके हाथ में होगी, यह स्पष्ट नहीं है।

ओमान के संविधान के अनुसार, शाही परिवार के सिंहासन के खाली होने के तीन दिनों के भीतर उत्तराधिकारी का चयन करना अनिवार्य है। यदि शाही परिवार किसी एक नाम पर सहमत नहीं होता है तो काबूस द्वारा लिखे पत्र के मुताबिक किसी व्यक्ति को उत्तराधिकारी बनाया जाएगा। नए उत्तराधिकारी को शाही परिवार का सदस्य होने के साथ परिपक्व, तर्कसंगत और ओमान के मुस्लिम माता-पिता का वैध पुत्र होना चाहिए।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 80 से ज्यादा लोग इस योग्यता को पूरा कर रहे हैं, लेकिन असद बिन तारिक के नाम पर सहमति बन सकती है। तारिक को 2017 में अंतरराष्ट्रीय संबंध और सहयोग मामले में उप प्रधानमंत्री बनाया गया था। इसके अलावा संस्कृति मंत्री हैथम बिन तारिक अल सईद और ओमान के पूर्व नौसेना कमांडर शिहाब बिन तारिक अल सईद का नाम भी इस दौड़ में शामिल है।

सुल्तान ओमान में सर्वोच्च पद है। वह प्रधानमंत्री, सेना का सुप्रीम कमांडर, रक्षा मंत्री, वित्त मंत्री और विदेश मंत्री जैसी जिम्मेदारियां भी संभालता है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुल्तान काबूस बिन सईद के निधन पर शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने शनिवार सुबह ट्वीट कर लिखा कि, 'सुल्तान काबूस बिन सईद के निधन के बारे में जानकर मुझे गहरा दुःख हुआ है। वह एक दूरदर्शी राजनेता थे, जिन्होंने ओमान को एक आधुनिक और समृद्ध राष्ट्र में बदल दिया। वह दुनिया के लिए शांति के प्रतीक थे।'

सुल्तान काबूस का जन्म 18 नवंबर 1940 को सलालाह में हुआ था। वे अल बू सईद वंश के वंशज थे। ऐसा कहा जाता है कि सुल्तान काबूस की पढ़ाई भारत और सैंडहर्स्ट की रॉयल मिलिट्री एकेडमी में हुई थी। सईद ने अपने पिता सईद बिन तैमूर का तख्तापलट कर ओमान की बागडोर अपने हाथ में ली थी। पचास साल के शासन में सईद ने ओमान को गरीबी से निकालकर विकास की पटरी पर लाकर खड़ा कर दिया था। सईद ने तेल के भंडारों के जरिए खाड़ी में अपना अलग मुकाम बनाया और दुनिया भर के देशों के साथ आपसी रिश्ते मजबूत किए।

साल 2015 में ईरान और अमेरिका के बीच न्यूक्लियर डील कराने में ओमान का बड़ा हाथ बताया जाता है। ओमान के कहने पर ही अमेरिका ईरान के साथ न्यूक्लियर डील करने को तैयार हुआ था। यही नहीं भारत के साथ भी सईद के अच्छे रिश्ते थे। भारत ने साल 2004 में उन्हें जवाहरलाल नेहरू अवार्ड फॉर इंटरनेशनल अंडरस्‍टैंडिंग से सम्मानित किया था।

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