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पाकिस्‍तान ने 7 अगस्‍त को राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (NSC) की बैठक ली
पाकिस्‍तान ने 7 अगस्‍त को राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (NSC) की बैठक ली|Neha Shrivastava - RE
दुनिया

भारत द्वारा अनुच्छेद 370 खत्म से नाराज पाक ने उठाये ये बड़े कदम

अनुच्छेद 370 खत्म के बाद पाकिस्तान नाराज हैं और इसी के चलते भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों पर रोक लगाने हेतु कुछ अहम निर्णय लिए हैं।

Priyanka Sahu

Priyanka Sahu

राज एक्‍सप्रेस। भारत सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 और इसके साथ ही 35-ए को खत्म करने के फैसले से पाकिस्तान तिलमिला उठा है एवं बौखलाहट का माहौल मचा दिया है। भारत में केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लिए गए इस बड़ें फैसले के बाद पाकिस्‍तान इस कदर नाराज हुआ है कि, उसने राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (NSC) की बैठक की, जिसमें पाक ने भारत के खिलाफ ये कदम उठाये और बैठक के दौरान पाकिस्‍तान ने यह निर्णय लिये।

पाकिस्तान क्‍यों है नाराज?

केंद्र की मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया है, साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दोनों को 2 हिस्सों में बांटकर इसे केंद्र शासित प्रदेश बना लिया हैं और यहीं वजह है कि, पाकिस्तान भारत से नाराज हो गया, इसके मद्देनजर पाक ने भारत के खिलाफ ये कदम उठाएं।

पाकिस्‍तान में NSC की बैठक :

पाकिस्‍तान ने 7 अगस्‍त को राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (NSC) की बैठक ली, जिसमें विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री, गृह मंत्री समेत सेना और खुफिया एजेंसियों के अधिकारी भी उपस्थित थे। पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में हुई ये राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक में ये अहम निर्णय लिये गए।

एक नजर पाक द्वारा लिए गए निर्णयों पर :

  • जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने से बौखलाए पाकिस्‍तान सबसे पहले तो भारत के साथ राजनयिक संबंधों को कम करेगा।

  • दूसरा निर्णय द्विपक्षीय व्यापारिक संबंध खत्म करना।

  • पाक का तीसरा निर्णय द्विपक्षीय व्यवस्थाओं की समीक्षा को लेकर लिया हैं।

  • इसके अलावा पाक का एक निर्णय जम्‍मू-कश्मीर के मामले को संयुक्त राष्ट्र ले जाने को लेकर लिया हैं।

  • पाकिस्तान ने एक बार फिर से भारत से संबद्ध 9 एयरस्पेस में से 3 को बंद कर दिया है।

  • वहीं आगामी 14 अगस्त के दिन कश्मीरियों के साथ एकजुटता दिवस मनाने का निर्णय लिया हैं।

  • इसके साथ ही 15 अगस्त को भारत के स्‍वतंत्रता दिवस वाले दिन ‘काला दिवस’ मनाएं जाने का निर्णय लिया हैं।

  • वहीं पाकिस्‍तान ने एक फैसला ये भी लिया कि, वह भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया को भारत वापस लौटने को कह दिया हैं।

यह भी जाने :

पाकिस्‍तान ने जिस तरह से भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया को भारत वापस लौटने को कहा हैं और यह भी कहा कि, अब पाकिस्‍तान का उच्‍चायुक्‍त भी भारत देश की राजधानी नई दिल्‍ली नहीं जाएंगा, तो ऐसा है कि, भारतीय उच्‍चायुक्‍त पाक जा चुका है, लेकिन पाकिस्‍तान का उच्‍चायुक्‍त भारत में नहीं हैं, पाकिस्‍तान इसी माह में अपने नवनियुक्त उच्चायुक्त मोइन-उल-हक को दिल्ली भेजने वाला था, लेकिन अब पाकिस्‍तान अपने निर्णय के बाद मोइन-उल-हक को भारत नहीं पहुंचा सकेगा।

बता दे कि, पाकिस्तान द्वारा लिए गए अभी हाल ही के ये अहम निर्णय, जो अभी आपने ऊपर पढ़ें हैं, इस पर भारत ने भी अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त कर दी है।

भारत ने क्‍या कहा?

जम्‍मू-कश्मीर के मामले को संयुक्त राष्ट्र में ले जाने की धमकी देने वाले पाकिस्‍तान ने भारत के पक्ष में जो भी निर्णय लिए हैं, उस पर भारत ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, ''पाकिस्‍तान के इन निर्णयों से भारत को सिर्फ आर्थिक तौर पर कुछ नुकसान हो सकता है, लेकिन इसका सबसे अधिक असर तो पाकिस्तान को ही व वहां के नागरिकों को ही भोगना पड़ेगा, क्योंकि भारत इस मामले में उस पर बहुत अधिक निर्भर नहीं है।''

क्‍या पाक पर होगा कुछ असर :

वैसे देखा जाएं तो पाकिस्तान भारत को फल, सीमेंट, मसाले, ऊन, रबड़ उत्पाद, खनिज और अयस्क, तैयार चमड़ा, कच्चा कपास, अकार्बनिक रसायन, चिकित्सा उपकरण, समुद्री सामान, अल्कोहल पेय, प्लास्टिक, डाई और खेल का सामान निर्यात करता था, जबकि अगर हम भारत से निर्यात किए जाने वाले सामान की बात करें तो इसमें, जिंसों में जैविक रसायन, कपास, प्लास्टिक उत्पाद, अनाज, चीनी, कॉफी, चाय, लौह और स्टील के सामान, दवा और तांबा आदि शामिल हैं। यानी सिंपल शब्‍दों में कहा जाएं तो अब पाकिस्‍तान ना तो भारत से कोई सामान खरीदेगा और ना भारत को कोई सामान बेचेगा।

तो इस प्रकार से पाकिस्‍तान ये सभी चीजों के लिए भारत पर ही निर्भर रहते हैं और ऐसी स्थिति में अगर पाकिस्‍तान किसी ओर देशों से ये सब सामान खरीदे या बेचे तो उसकी ढुलाई लागत कई गुना बढ़ जाएगी और जो महंगाई बढ़ेगी वो तो अलग ही बात है, साथ ही जन-जीवन भी बहुत ज्यादा प्रभावित होने लगेगा।

क्‍या कोई देश देगा पाक का साथ :

अब यह देखना बाकी है कि, पाकिस्‍तान के इस हालात में कोई देश साथ देने के लिए आगे आता है या नहीं, क्‍योंकि इस समय पाकिस्‍तान घबराया हुआ हैं, यहां तक की उसने कुछ देशों के नेताओं से इस मुद्दे को लेकर बातचीत भी की हैं। PM इमरान खान इस समय दुनियाभर के नेताओं से संपर्क बनाए हुए हैं। बता दे कि, पाक के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत सरकार के इस ऐतिहासिक कदम अनुच्छेद 370 हटाएं जाने के एक दिन बाद यानी 7 अगस्‍त को अपने ब्रिटिश समकक्ष बोरिस जॉनसन और इसके बाद सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान से बात की थीं, हांलाकि, जिस दिन 5 अगस्‍त को अनुच्छेद 370 हटाया गया उसी दिन मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मुहम्मद और तुर्की के राष्ट्रपति रीसेप तायिप एर्दोआन से भी बात की थी। वहीं ऐसा भी सुनने में आया है कि, पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी बहुत जल्द कश्मीर के हालात और भारत के साथ संबंधों पर चर्चा करने के लिए चीन जा सकते हैं, फिलहाल अभी ये बात सामने नहीं आई है कि, शाह महमूद कुरैशी चीन कब जाएंगे।