रूस ने फिर जीती वैक्सीन की रेस, तैयार की सिंगल डोज वैक्सीन
रूस जीता कोरोना वैक्सीन की रेस, राष्ट्रपति पुतिन की बेटी को दिया डोज Kavita Singh Rathore -RE

रूस ने फिर जीती वैक्सीन की रेस, तैयार की सिंगल डोज वैक्सीन

दुनियाभर के देशों में सबसे पहले वैक्सीन की रेस रूस ने जीत कर दुनिया की पहली कोरोना की वैक्सीन तैयार की थी, वहीं, अब एक बार फिर रूस ने वैक्सीन की यह रेस जीतकर सिंगल डोज वैक्सीन तैयार कर ली है।

रूस। कोरोना का बढ़ते प्रकोप के बीच जहां दुनिया भर के देश अभी भी कोरोना वायरस वैक्सीन बनाने की रेस में दौड़ रहे हैं। हालांकि, कई देश ये रेस जीत कर अपनी-अपनी वैक्सीन से अन्य देशों की मदद के लिए आगे आरहे हैं। इन देशों में सबसे पहले यह रेस रूस ने जीत कर दुनिया की पहली कोरोना की वैक्सीन तैयार थी, वहीं, अब एक बार फिर रूस ने वैक्सीन की यह रेस जीतकर सिंगल डोज वैक्सीन तैयार कर ली है।

रूस ने तैयार की सिंगल डोज वैक्सीन :

दरअसल, अब तक देशभर में जितने भी देशों द्वारा जितनी भी वैक्सीन तैयार की गई है, यह सभी डबल डोज वैक्सीन है यानी इन वैक्सीन की दो डोज लेनी पड़ती है, लेकिन रूस द्वारा अब एक नई वैक्सीन तैयार की गई है जो, एक डोज वाली वैक्सीन (सिंगल डोज वैक्सीन) है। इसका नाम 'स्पुतनिक लाइट' रखा है। रूस की इस वैक्सीन को भी इस्तेमाल करने की मंजूरी मिल गई है। जबकि, रूस पहले भी डबल डोज वैक्सीन 'स्पुतनिक-वी' बना कर कोरोना वैक्सीन तैयार करने की रेज में पहला स्थान प्राप्त कर चुका है। इस मामले में जानकारी रूस के स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा सामने आई है।

RDIF का बयान :

बताते चलें, रूस द्वारा यह सिंगल डोज वैक्सीन को तैयार करने में रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (RDIF) की मदद ली है। यानी इस वैक्सीन को तैयार करने के लिए RDIF ने वित्तीय सहायता दी है। इस बारे में जानकारी देते हुए RDIF ने एक बयान जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि, 'स्पुतनिक लाइट ने दो खुराक वाली स्पूतनिक-वी, जिसका प्रभावकारिता 91.6% है, इसकी तुलना में 79.4% प्रभावकारिता का प्रदर्शन किया है।' बता दें, स्पुतनिक-वी की इस लाइट वर्जन कोरोना वैक्सीन को भी मॉस्को के गमलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ने तैयार किया है।

नई वैक्सीन की कीमत :

रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (RDIF) का बयान के सामने आने के बाद अंदाजा लगाया जा रहा है कि, 'इस वैक्सीन के लाइट वर्जन से वैक्सीनेशन को गति मिलेगी और यह महामारी को फैलने से रोकने में मदद करेगा।' RDIF ने यह भी बताया कि, 'इस एक खुराक वाले टीके की कीमत 10 डॉलर (भारतीय करेंसी में लगभग 737 रुपये) से भी कम है।' वहीं, RDIF के मुख्य कार्यकारी अधिकारी किरिल दिमित्रिव ने दावा किया है कि, 'स्पूतनिक लाइट वैक्सीन अस्पताल में भर्ती होने वाले गंभीर मामलों की संभावना को काफी कम कर देता है।  उनका यह भी दावा है कि यह कोरोना वायरस के सभी नए वैरिएंट्स के खिलाफ भी प्रभावी साबित हुआ है।'

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