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Smoker Lungs Video Viral
Smoker Lungs Video Viral|Kavita Singh Rathore -RE
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स्मोकिंग के शिकार आदमी के फेफड़ों का यह वीडियो खूब हो रहा वायरल

स्मोकिंग के शिकार आदमी के फेफड़ों का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, आइये जरा जाने कि, यह वीडियो आखिर कहाँ का है और जान ले स्मोकिंग करने के नतीजे क्या हो सकते हैं। वीडियो को देख कर कुछ सबक लें।

Kavita Singh Rathore

Kavita Singh Rathore

राज एक्सप्रेस। जब भी आप TV या किसी सिनेमा में ध्रूम्रपान का कोई सीन देखते हैं तो, आपको साइड में धूम्रपान सेहत के लिए हानिकारक जरूर लिखा दिखता होगा, यहाँ तक की ध्रूम्रपान के पदार्थ के पैकेट्स पर तक लिखा होता है लेकिन फिर भी लोग इसका सेवन करते हैं और अपनी आदतों में इसे उतार लेते हैं, बिना यह सोचे कि, यह उनकी सेहत के लिए कितना हानिकारक है। देश में कितने ही लोग ऐसे हैं जो धूम्रपान की लत के शिकार हैं। धूम्रपान के शिकार आदमी के फेफड़ों का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है।

क्या है वीडियो में :

स्मोकिंग की लत में पड़े किसी आदमी के फेफड़ों का जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमे उसके फेफड़ों का हाल साफ़ नजर आ रहा है, जांच के बाद पता चला कि, वीडियो में जिस आदमी के फेफड़े दिख रहे हैं वो, 30 सालों से स्मोकिंग कर रहा था। उस शख्स की आयु 52 वर्ष थी, उसने अपने फेफड़ों को दान किया था। इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि, स्मोकिंग के चलते उसके लंग्स का क्या हाल हुआ है लंग्स टार से बिल्कुल काले पड़ चुके हैं।

कहाँ का है यह विडिओ :

हालांकि यह वीडियो भारत का नहीं है, यह वीडियो चाइना के यूक्सी पीपुल्स हॉस्पिटल, झिएंगसु का है, लेकिन इस वीडियो को देख कर उन सभी को सबक लेना चाहिए, जो स्मोकिंग की लत के शिकार हो चुके हैं। हालांकि डॉक्टर चेन झिएंगु और उनकी पूरी ट्रांसप्लांट टीम इस टार से काले पड़ चुके फेफड़ों की जांच कर रही है।

डॉक्टर चेन झिएंगु ने बताया :

डॉक्टर चेन झिएंगु ने बताया कि, जिस शख्स द्वारा यह फेफड़े दान किए गए हैं, उसका ब्रेन डेड हो चुका था, उसने अपने फेफड़ों को दान किया था, परन्तु फेफड़ों की हालत देखते हुए इन्हें किसी भी मरीज को लगाना खतरे से खाली नहीं होगा। यदि इन्हे किसी मरीज को लगाया गया तो, वो मरीज लंग कैल्सीफिकेशन (Lung Calcification), बुलॉस लंग डिसीज़ (Bullous Lung Disease) और पुलमॉनरी एम्फीसेमा (Pulmonary Emphysema) जैसी बीमारियों से ग्रसित हो सकता है। हमारी टीम ने इन फेफड़ों को रिजेक्ट कर दिया है।

नहीं हुआ था सीटी स्कैन :

जानकारी के अनुसार, फेफड़े दान करने वाले आदमी के मरने से पहले उसका सीटी स्कैन नहीं किया गया था, क्योंकि मरने से पहले ही उसका ब्रेन डेड हो चुका था, जिसके चलते सीटी स्कैन करना संभव नहीं था, यदि शुरुआती ऑक्सीनेशन इंडेक्स के पहले ही इन फेफड़ों को देख लिया जाता तब ही समझ आ जाता कि, यह किसी काम के नहीं हैं।

काम के नहीं होते स्मोकर के फेफड़े :

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, डॉक्टर्स का कहना है कि, जो व्यक्ति हैवी स्मोकर है या लंबे समय से स्मोकिंग कर रहा है तो, उस व्यक्ति को अपने फेफड़े दान नहीं करना चाहिए क्योंकि वो किसी के भी काम नहीं आते है।

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