रूस द्वारा निर्मित 'स्पूतनिक-वी' वैक्सीन की पहली खेप पहुंची वेनेजुएला

रूस द्वारा तैयार दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन 'स्पूतनिक-वी'का वितरण शुरू हो गया है और आज 'स्पूतनिक-वी' कोरोना वैक्सीन की पहली खेप (Shipment) वेनेजुएला पहुंच भी गयी है।
रूस द्वारा निर्मित 'स्पूतनिक-वी' वैक्सीन की पहली खेप पहुंची वेनेजुएला
Sputnik-V Corona Vaccine first consignment reached VenezuelaPriyanka Sahu -RE

रूस। कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच पूरी दुनिया भर के देश कोरोना वायरस वैक्सीन बनाने की रेस में अभी भी दौड़ लगा ही रहे हैं। जबकि, रूस यह रेस की जीत कर दुनिया की पहली 'स्पूतनिक-वी' नाम की कोरोना वैक्सीन तैयार कर चुका है। वहीं, अब इस वैक्सीन का वितरण शुरू हो गया है और आज 'स्पूतनिक-वी' वैक्सीन की पहली खेप (Shipment) वेनेजुएला पहुंच भी गयी है।

वेनेजुएला पहुंची वैक्सीन की पहली खेप :

रूस द्वारा अब जब रूस के रक्षा मंत्रालय और गामालेया रिसर्च सेंटर द्वारा निर्मित की गई दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन 'स्पूतनिक-वी' का वितरण शुरू कर दिया गया है, तो कोरोना वायरस से परेशान हर देश इसे पाने की आस में बैठा है, परन्तु आज यानि शुक्रवार को सबसे पहले इस वैक्सीन की पहली खेप वेनेजुएला पहुंच गई है। रूस द्वारा भेजी गई पहली खेप के तहत 'स्पूतनिक वी' की 2 हजार यूनिट्स मैक्वेटिया शहर के साइमन बोलिवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्ड पर पहुंची।

ऐतिहासिक पल :

बताते चलें, जब यह वैक्सीन हवाई अड्ड पर पहुंची उस पल को वेजेनेजुएला के उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगुएज ने ऐतिहासिक पल बताया। इस वैक्सीन को लेकर वेनेजुएला के अधिकारियों का कहना है कि, 'वे इसके नैदानिक परीक्षण के तीसरे चरण का परीक्षण शुरू करने की योजना बना रहे हैं'। बता दें, वेजेनेजुएला में 'स्पूतनिक वी' के तीसरे चरण का ट्रायल किया जाएगा और यह पहली बार होगा कि, इस वैक्सीन का ट्रायल रूस के अलावा किसी और देश में होने वाला हो।

राष्ट्रपति पुतिन ने बताया था सुरक्षित :

गौरतलब हैं कि, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा देश की पहली कोरोना वैक्सीन 'स्पूतनिक-वी' के बारे में जानकारी देते ही यह वैक्सीन विवादों में गिर गई थी। हालांकि, उसके बाद राष्ट्रपति पुतिन ने इस वैक्सीन को पूर्ण रूप से सुरक्षित और प्रभावी बताया था। इतना ही नहीं उन्होंने इसका ट्रायल अपनी बेटी पर भी किया था। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस वैक्सीन को मंजूरी मिलने को लेकर बताया कि, रूस द्वारा दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन तैयार करने के बाद इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार पूरे नियमों का सख्ती से पालन करते हुए ही मंजूरी दी गई है। साथ ही बीते महीनों के दौरान इस वैक्सीन का ट्रायल कुछ दर्जन लोगों पर किया गया। इसके बाद इसे अब अप्रूवल मिल गया है।

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