अमेरिकी कंपनी 'फाइजर इंक' ने कोरोना वैक्सीन को लेकर किया बड़ा दावा

अमेरिकी कंपनी 'Johnson & Johnson' के दावा करने के बाद अब अमेरिका की ही दवा निर्माता कंपनी 'फाइजर इंक' ने कोरोना की वैक्सीन को लेकर बड़ा दावा किया है।
अमेरिकी कंपनी 'फाइजर इंक' ने कोरोना वैक्सीन को लेकर किया बड़ा दावा
Pfizer Inc claim on Corona vaccineKavita Singh Rathore -RE

अमेरिका। कोरोना वायरस के दुनिया में कदम रखने से लेकर अब तक कई देश कोरोना की वैक्सीन निर्मित करने में जुटे हुए हैं। हालांकि, इस मामले में रूस पहले ही बाजी मार चुका है, लेकिन अब भी कोरोना वैक्सीन बनाने की रेस जारी है। जिसमें अब अगला नंबर अमेरिका का आता नजर आ रहा है क्योंकि, हाल ही में अमेरिकी कंपनी 'Johnson & Johnson' के दावा करने के बाद अब अमेरिका की ही दवा निर्माता कंपनी 'फाइजर इंक' ने कोरोना की वैक्सीन को लेकर बड़ा दावा किया है।

फाइजर इंक का दावा :

दरअसल, अमेरिका की दवा निर्माता कंपनी 'फाइजर इंक' द्वारा निर्मित कोरोना की वैक्सीन हाल ही में अपने ट्रायल के अपने अंतिम चरण में थी। वहीं, अब कंपनी ने दावा किया है कि, उनके द्वारा निर्मित कोरोना की वैक्सीन ने अपने ट्रॉयल में उम्मीद से बेहतर नतीजे सामने आए हैं। कंपनी ने बताया है कि, हमने ये वैक्सीन वॉलंटियर्स को दी गई थी। उन पर इसका 90% से ज्यादा असर दिखा है। बता दें, 'फाइजर इंक' द्वारा यह वैक्सीन जर्मन की दवा निर्माता कंपनी 'बायो एन टेक' के साथ मिलकर तैयार की है।

एडमिनिस्ट्रेशन से आपातकालीन मंजूरी :

'फाइजर इंक' कंपनी ने बताया है कि, वह अपने द्वारा तैयार की गई वैक्सीन के दो डोज के लिए इस महीने फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन से आपातकालीन मंजूरी लेने की योजना तैयार कर रही है। उम्मीद है कि, कंपनी इसके लिए नवंबर के तीसरे सप्ताह में आवेदन कर सकती है। कंपनी ने बताया 'हमने 6 देशों के लगभग 44,000 लोगों पर इस वैक्सीन का ट्रायल किया था। पूरे ट्रायल के दौरान वॉलंटियर के स्वास्थ्य को कोई गंभीर खतरा नहीं हुआ। अब वैक्सीन तीसरे फेज में है। बता दें, फेज थ्री ट्रायल का अंतिम चरण होता है। इस ट्रायल में 94 लोगों को वैक्सीन दी गई है। जिनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं था और उनमें से 9 लोगों में वैक्सीन का काफी मजबूत असर दिखा।'

वैक्सीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट हेड ने बताया :

फाइजर के वैक्सीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट की हेड कैथरीन जानसेन ने कहा कि, 'यह ऐतिहासिक पल है। इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ है। सबसे पहले दुनिया को एक भयानक स्थिति महामारी का सामना करना पड़ा। इसके बाद हम कुछ महीनों में ही वैसा करने में सक्षम हो गए, जिसे करने में कई साल लगते। एनालिसिस के हिसाब से हम 90% से ज्यादा प्रभावी रहे हैं। यह सुनना बहुत हैरानी भरा था।'

कैसे देते हैं वैक्सीन का डोज :

कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, किस भी वॉलंटियर को कंपनी द्वारा तैयार वैक्सीन की दो डोज देने की जरूरत होती है। जिसे तीन सप्ताह में दिया जाता है। खबरों एक अनुसार बायो एन टेक और फाइजर इंक के उत्पादन में दिन-रात एक कर दिए हैं और जल्द ही कंपनियों द्वारा इस साल में पांच करोड़ डोज तैयार करने की उम्मीद है।

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