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हार्ले डेविडसन
हार्ले डेविडसन|Kavita Singh Rathore - RE
दुनिया

डोनाल्ड ट्रंप ने क्यों किया Harley Davidson’s कंपनी का इतना सपोर्ट

अमेरिका (डोनाल्ड ट्रंप) Harley Davidson’s कंपनी की बिक्री का क्यों इतना सपोर्ट करता है।साथ ही इंडिया ने क्यों की Harley Davidson’s पर लगने वाली इम्पोर्ट ड्यूटी में कटौती। जाने पूरी कहानी।

Kavita Singh Rathore

Kavita Singh Rathore

राज एक्सप्रेस। जब भी बात होती है मजबूत और आकर्षक दिखने वाली बाइकों की तो, तो सबसे पहला नाम Harley Davidson's का आता है। Harley Davidson's अमेरिका की बहुत बड़ी बाइक निर्माता कंपनी है। इस कंपनी का हेडक्वॉटर अमेरिका में है। इसके अलावा इस कंपनी की बाइके अमेरिका के साथ ही पूरी दुनिया में इंडिया और ब्राजील में भी असेम्बल होती है, या यूँ कहे अमेरिका से पार्ट्स आने के बाद यहाँ बनते है।

इंडिया-अमेरिका का इंपोर्ट-एक्सपोर्ट :

अगर हम व्यापार घाटे (Trade Deficient) के अनुसार देखे तो, इंडिया और अमेरिका से होने वाले इंपोर्ट-एक्सपोर्ट में इंडिया से अमेरिका ज्यादा प्रोडक्ट एक्सपोर्ट होता है। जबकि अमेरिका से इंडिया में कम सामान इंपोर्ट होता है। जिसके चलते इंडिया को अमेरिका से होने वाले व्यापार से अधिक मुनाफा होता है। इस इंपोर्ट-एक्सपोर्ट में खाने-पिने से लेकर ऑटोमोबाइल के सारे प्रोडक्ट शामिल है।

अमेरिका (डोनाल्ड ट्रंप) की नाराजगी :

चूँकि Harley Davidson's अमेरिका की एक जानी-मानी कंपनी है और यह बाइके वही बनती है, जिससे उसको बनाने में लगने वाली पूरी लागत अमेरिका को ही खर्च करना पड़ता है। इसके बाद भी अमेरिका जब Harley Davidson's की बाइके इंडिया में बेचता है तो, इंडिया उन बाइकों पर 75% इंपोर्ट ड्यूटी लगता था। जिससे अमेरिका (डोनाल्ड ट्रंप) इंडिया से खासा नाराज है। अमेरिका का कहना है, जब वे इंडिया से प्रोडक्ट मगवाते है तब वह उन पर बहुत कम इंपोर्ट ड्यूटी लगाते है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी प्रोडक्ट पर टैरिफ को कम करने के लिए भारत से काफी समय से मांग कर रहे थे।

ट्रंप का ट्वीट :

इसी विवाद के चलते ट्रंप ने ट्वीट कर भारत को धमकी भी दी थी। डोनाल्ड ट्रंप चाहते है कि, भारत Harley Davidson's की बाइकों पर लगने वाले टेरिफ को खत्म कर दे। ट्रंप ने अपने ट्वीट में कहा, "लंबे समय से अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क लगाता रहा है। अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने एक अन्य ट्वीट में मोदी की तारीफ करते हुए अपने फायदे न होने की बात भी कही। उन्होंने ट्वीट में कहा, “मैं समझता हूं कि, प्रधानमंत्री मोदी एक शानदार आदमी है।उन्होंने मुझे कहा था कि, हम इंपोर्ट ड्यूटी 50 फीसदी कम कर रहे हैं मैंने कहा ठीक है, लेकिन अभी तक हमें कुछ फायदा नहीं दिख रहा है।उन्हें 50 फीसदी टैक्स के तौर पर मिलता है, लेकिन हमें कुछ भी नहीं।भारत को लगता है कि, हम पर वो अहसान कर रहे हैं, लेकिन ये कोई अहसान नहीं है”

भारत सरकार ने घटाई इंपोर्ट ड्यूटी :

इसी नाराजगी के चलते अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इंडिया के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से टेरिफ को लेकर बातचीत की। इस बातचीत के बाद भारत सरकार ने अब Harley Davidson's की बाइकों पर इंपोर्ट ड्यूटी को 75% से घटा कर 50% कर दिया है। तो यह कहना गलत नहीं होगा कि, डोनाल्ड ट्रंप Harley Davidson's का काफी सपोर्ट करता है। इसका मुख्य कारण ये भी है कि, इंडिया की आबादी अधिक होने के कारण इंडिया अमेरिका के लिए बहुत बड़ा मार्केट है और वे चाहते है कि, भारत में Harley Davidson's कंपनी की बाइकों की बिक्री बढ़े। इसके अलावा इंडिया प्रोटेक्टिव पॉलिसी के तहत इन बाइकों पर इंपोर्ट ड्यूटी लगता था, जिससे इंडिया में अपने देश की बनी बाइकों की बिक्री अधिक हो।

हार्ले डेविडसन का इतिहास :

अमेरिका के हार्ले (William S. Harley) नाम के एक व्यक्ति ने एक साइकिल में 116 cc की मोटर लगा कर बाइक बनाने की कोशिश की, जिसमे उनका सहयोग किया डेविसन ब्रदर्स (Arthur and Walter Davidson) ने। जब उन्होंने इस बाइक को चलाने की कोशिश की तब वह ज्यादा सफल नहीं रहे, लेकिन उन्होंने हार न मानते हुए उस पर निरंतर काम किया और साथ ही इंजन की पावर बढ़ाकर उस बाइक को तैयार किया। इसके बाद जब बाइक को शोकेश किया तब ही 1904 में एक बाइक कंपटीशन रखा गया, जिसका हिस्सा यह बाइक भी बनी और तब से ही इस बाइक को एक पहचान मिली। हालांकि इसकी बिक्री बहुत कम हुई, 1905 में इसकी केवल 12 ही बाइक बिकी उसमे से भी 3 बाइक कार्ल.एच.बेग नाम के एक ही शक्श ने खरीदी थी।

आगे चल कर इसी शख्स को हार्ले डेविडसन की पहली डीलरशिप मिली।1906 में इन्होंने मिलकर चेस्टनट स्ट्रीट में इस बाइक की एक फैक्ट्री शुरू की। उस साल इस बाइक की टोटल बिक्री 50 हुई। इसके बाद 1907 में यह कंपनी रजिस्टर्ड हुई और इसी साल इसकी कुल बिक्री 150 हुई। 1908 में इस बाइक में और सुधार किया गया तब जाकर 1909 में इसकी बिक्री में थोड़ी बढ़ोतरी हुई इस साल इस बाइक की कुल बिक्री 1150 हुई। इस बाइक की बिक्री धीरे-धीरे बढ़ रही थी, तब ही फर्स्ट वर्ल्ड वॉर के समय अमेरिकन आर्मी ने इसी तरह की 20000 से अधिक बाइक को बनाने का ऑर्डर्स दिया। अमेरिकन आर्मी इसी बाइक के जरिए जर्मनी पहुंच गई थी और इस तरह इस बाइक ने फर्स्ट वर्ल्ड वॉर में अपना काफी योगदान दिया।

Harley Davidson's की बाइक के फीचर्स :

  • Harley Davidson's की बाइकें 800cc से ज्यादा के इंजन की होती है।
  • इन बाइकों की कीमत इंडिया में 4 लाख से अधिक होती है।
  • यह बहुत ही आकर्षक और दमदार होती है।