Raj Express
www.rajexpress.co
World Mental Health Day 2019
World Mental Health Day 2019|Kavita Singh Rathore -RE
दुनिया

World Mental Health Day 2019: मानसिक स्वास्थ्य के प्रति बने जागरूक

मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने के लिए विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की स्थापना हुई थी। चलिए एक नज़र डालें, मानसिक विकार उत्पन्न होने के कारण, नुकसान और कुछ सुझाव पर।

Kavita Singh Rathore

Kavita Singh Rathore

हाइलाइट्स :

  • मानसिक संतुलन बिगड़ने से हो सकते हैं कई नुकसान

  • हर आयु वर्ग के लिए अलग कारण होता है मानसिक विकार का

  • मानसिक विकार उत्पन्न होने से बिगड़ सकते हैं आपके कार्य

  • मानसिक विकार विकलांगता को देता है जन्म

राज एक्सप्रेस। आज के दिन अर्थात 10 अक्टूबर को हर साल विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (World Mental Health Day 2019) मनाया जाता है, ये दिन मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करने को लेकर समर्पित है। आज मानव जिस तरह के माहौल में रहता है, उसको देखते हुए कहना गलत नहीं होगा कि, आज चार में से एक न एक व्यक्ति मानसिक विकार का शिकार हो ही जाता है, जिसके अनेक कारण हो सकते हैं, जैसे सही समय पर भोजन न करना, पर्याप्त नींद न लेना, गलत संगत में रहना।

World Mental Health Day की स्थापना :

साल 1992 में विश्व मानसिक स्वास्थ्य संघ (World Federation for Mental Health) द्वारा दुनिया भर के लोगों के मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल करने के लिए वर्ष विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की स्थापना की गई, जिससे सालभर व्यस्त जिंदगी जीते हुए इस एक दिन मनुष्य स्वयं की मानसिक स्थिति पर ध्यान दे और अपने दिमाग को स्वस्थ बनाने का प्रयास करें। अगर हम इस दिन को लेकर दूसरा पहलू देखें तो, यह दिन संसार में हर आयु वर्ग लोगों को मानसिक बीमारियों की जानकारी देने के लिहाज से बनाया गया है, जिससे मानव मानसिक रोगों से बचाव के लिए पहले से तैयार रहें।

WHO की रिपोर्ट के अनुसार :

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में 450 मिलियन लोग मानसिक विकार से पीड़ित पाए गए, जिसमे कई तरह के आयु वर्ग के लोग शामिल हैं। फिलहाल अगर हम 10-19 साल की उम्र के लोगों की बात करे तो, इस आयु वर्ग में 16% व्यक्ति इस रोग से जूझ रहे हैं, इसके अलावा यदि हम अलग-अलग आयु वर्ग की बात करेंगे, तो यह अकड़े कुछ अलग ही होंगे।

मानसिक विकार के नुकसान :

विश्व में मानसिक विकार से सबसे ज्यादा मात्रा में उत्पन्न होने वाला रोग विकलांगता हैं, लोगों में मानसिक विकार के चलते डिप्रेशन हो जाना या आत्महत्या कर लेना आम बात हो गई है। इसके अलावा यदि मानंव मानसिक तौर पर स्वस्थ नहीं होगा तो, न ही उसका किसी कार्य में मन लगेगा और न ही वह किसी अच्छे कार्य को करने में सफल हो सकेगा। आज पूरे विश्व में इतने बड़े-बड़े वैज्ञानिक है, जिन्होंने इतनी बड़ी-बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं, यदि आप एक बार उनसे बात करके उनका अनुभव पूछेंगे तो, आप पाएंगे की उन्होंने हर काम को स्वस्थ मस्तिष्क के साथ किया है, तब ही वह सफल हुए हैं।

मानसिक विकार के कारण :

मानसिक विकार उत्पन्न होने के हर आयु वर्ग के लिए अलग-अलग कारण होते हैं, जैसे-

  • बचपन में स्कूल, कॉलोनी या माहौल बदल जाने भर से ही बच्चों में मानसिक विकार उत्पन्न हो जाता है।

  • विद्यार्थियों में पढ़ाई की चिंता से मानसिक विकार उत्पन्न हो सकता है।

  • युवा अवस्था में नौकरी की चिंता से मानसिक विकार उत्पन्न हो सकता है।

  • आज कल की पीढ़ी प्यार-मोहब्बत में पड़ कर भी मानसिक विकार को जन्म देती है।

  • मानसिक विकार उपन्न होने में बहुत बड़ा योगदान आपकी संगत का रहता है, आपने यह दो कहावतें तो सुनी ही होंगी, "जैसी संगत वैसी रंगत" और "खरबूजे को देखकर खरबूजा रंग बदलता है" इसका मलतब ही यह है कि, आप जैसे लोगों की संगत में रहते हो आप भी वैसे ही हो जाते हो।

  • लड़कियों में तो एक दूसरे के रहन-सहन को देख कर जलन भावना से भी मानसिक विकार उत्पन्न हो जाता है।

  • इन सब के अलावा मानसिक विकार उत्पन्न होने में आपकी दिनचर्या का भी योगदान रहता है।

कुछ सुझाव :

  • सही समय पर सोए, जिससे नींद पूरी हो और मन हल्का रहे।

  • संतुलित और उचित भोजन खाये।

  • भोजन का सही समय निर्धारित करें, क्योंकि गलत समय पर भोजन ग्रहण करना भी मानसिक संतुलन बिगाड़ सकता है।

  • दिमागी कोई बीमारी से जुड़ी शंका होते ही तुरंत डॉक्टर को दिखाए इलाज करवाने में कतराए न, कई लोगों ने ऐसी मानसिकता बना ली है कि, अगर वो दिमाग के डॉक्टर को दिखते हैं तो, लोग उन्हें पागल न समझने लगें।

  • अच्छी संगत (दोस्त) में रहे, ज्यादा से ज्यादा परन्तु अच्छे लोगों से जुड़े जिनके बीच रह कर आपका मस्तिष्क स्वस्थ रहे।