पंजाब CM ने सोनिया को बताया-अप्रैल में प्रदेश राजस्व में 88% का फटका
पंजाब CM ने सोनिया को बताया-अप्रैल में प्रदेश राजस्व में 88% का फटका|Syed Dabeer Hussain - RE
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पंजाब CM ने सोनिया को बताया-अप्रैल में प्रदेश राजस्व में 88% का फटका

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग बैठक में पंजाब के CM कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रदेश के राजस्व में अप्रैल में 88% की कमी की जानकारी दी है।

Priyanka Sahu

Priyanka Sahu

राज एक्‍सप्रेस। अब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा आज कांग्रेस पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्‍यम से बैठक की, जिसमें बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी हिस्सा लिया। इसी दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को प्रदेश के राजस्व में अप्रैल में 88% की कमी की जानकारी दी।

सभी कर स्रोत सूख गये हैं और इस समय उद्योगों का केवल डेढ़ फीसदी हिस्सा कार्यरत है। प्रदेश मुश्किल वित्तीय हालात का सामना कर रहा है, जो केंद्र सरकार से किसी सहायता के अभाव में और भी बुरे हो गये हैं।
कैप्टन अमरिंदर सिंह

CM कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ये भी बताया :

  • अप्रैल के लिए अनुमानित राजस्व 3360 करोड़ रुपये के मुकाबले प्राप्तियां केवल 396 करोड़ की हुईं।

  • प्रदेश की बिजली खपत 30 फीसदी कम हो गई, जिससे 30 करोड़ रुपये का रोजाना नुकसान पंजाब प्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड को वसूली में हुआ।

  • इसके अलावा प्रदेश के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) हिस्से के 4365. 37 करोड़ रुपये अभी केंद्र से मिलने बाकी हैं।

कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि, ''प्रदेश के आर्थिक व औद्योगिक पुनरुत्थान के लिए मोंटेक सिंह अहलूवालिया के नेतृत्व में विशेषज्ञों के समूह की प्रारंभिक रिपोर्ट तीन महीनों में मिलेगी और उसके बाद उसे अंतिम रूप देने में एक महीना और लगेगा।''

वहीं, मुख्यमंत्री ने यह दावा किया कि, वित्तीय संकट के बावजूद उनकी सरकार समाज व आम आदमी को तैयार करने और कोरोना वायरस के फैलाव पर अंकुश लगाने व प्रदेश के स्वास्थ्यसेवा प्रणाली को कोविड-19 की चुनौतियों से निपटने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।

बैठक में कैप्टन अमरिंदर द्वारा ये प्रतिक्रिया भी दी गई है कि, रेड, हरे और ग्रीन जोन का फैसला प्रदेशों पर छोड़ना चाहिए, जो अपने उपायुक्तों को जमीनी हकीकत देखते हुए हदबंदी कर सकते हैं। उन्होंने पटियाला का उदाहरण दिया जिसे 'रेड जोन' करार दिया गया है, हालांकि दुग्ध उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र नाभा इसी जिले में है।

बता दें कि, इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सरकार से पूछा कि, ''17 मई के बाद क्या? 17 मई के बाद कैसे होगा? भारत सरकार यह तय करने के लिए कौन सा मापदंड अपना रही है कि लॉकडाउन कितना लंबा चलेगा।''

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