भाजपा के बाद कांग्रेस पहुंची सुप्रीम कोर्ट
भाजपा के बाद कांग्रेस पहुंची सुप्रीम कोर्ट|Social Media
मध्य प्रदेश

भाजपा के बाद कांग्रेस पहुंची सुप्रीम कोर्ट

मध्यप्रदेश की सियासत के बीच भाजपा के बाद अब कांग्रेस भी पहुंची सुप्रीम कोर्ट, कहा- बंधक विधायकों की अनुपस्थिति में बहुमत परीक्षण नहीं हो सकता।

Aditya Shrivastava

राज एक्सप्रेस। मध्यप्रदेश में सत्ता के लिए राजनीतिक घटना क्रम जारी है। प्रदेश की सत्ता बनाने के लिए अब सियासी संघर्ष फ्लोर टेस्ट पर रुक गया है। सोमवार को विधानसभा सत्र के बाद भाजपा सुप्रीम कोर्ट पहुंची। भाजपा की फ्लोर टेस्ट की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का मप्र सरकार को नोटिस जारी किया और बुधवार सुबह 10.30 बजे सुनवाई का आदेश दिया। जिसके बाद प्रदेश की कांग्रेस भी सुप्रीम कोर्ट पहुंची।

जानकारी मिली है कि भाजपा के बाद अब कांग्रेस भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गयी है। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसमें उसने भाजपा पर कांग्रेस के 16 विधायकों को बंधक बनाए जाने का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा उन विधायकों की मौजूदगी में ही विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराया जा सकता है। कांग्रेस ने कहा कि कांग्रेस के 16 विधायकों को भाजपा ने अपने कब्ज़े में रखा है। 16 विधायकों की अनुपस्थिति में बहुमत परीक्षण नहीं हो सकता। यह वो सिंधिया समर्थक विधायक हैं जो बेंगलुरू में हैं।

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की-

  • सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार और कर्नाटक सरकार को आदेश दें कि वो मध्य कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों को 16 विधायकों से मिलने और बात करने की इजाजत दे जो कांग्रेस पार्टी के सदस्य हैं।

  • इस तरह कांग्रेस के 16 विधायकों को बंधक रखना गैरकानूनी, असंवैधानिक है और संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 और कानून के शासन के खिलाफ है।

  • 15 वीं मध्य प्रदेश विधान सभा के बजट सत्र में भाग लेने के लिए विधायकों को सक्षम किया जाए और अनुमति दी जाए।

  • कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट से निवेदन किया कि वो आदेश दे कि विश्वास मत तभी हो सकता है। जब 15 वीं मध्य प्रदेश विधान सभा के सभी निर्वाचित विधायक उपस्थित हों। पार्टी ने ये मांग भी रखी कि राज्यपाल के निर्देश को अवैध, असंवैधानिक घोषित किया जाए।

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