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मध्य प्रदेश

व्यापम जाँच में फसे दो IAS को संभागीय पर्यवेक्षक पद से हटाया गया

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की विवादित नियुक्तियों को लेकर मचा बवाल, आपको बता दें ये हंगामा व्हिसल ब्लोअर की शिकायत के बाद हुआ है।

Priyanka Yadav

Priyanka Yadav

राज एक्सप्रेस। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की विवादित नियुक्तियों को लेकर मचा बवाल, आपको बता दें ये हंगामा सूचना प्रदाता (व्हिसल ब्लोअर) संरक्षण अधिनियम की शिकायत के बाद हुआ है इस मामले में लोक सेवा आयोग ने दो रिटायर्ड आईएएस पर्यवेक्षकों को हटा दिया है।

नए संभागीय पर्यवेक्षक बनाए गए

व्यापमं घोटाले में दागी अधिकारियों को पर्यवेक्षक बनाने पर मचे बवाल के बाद मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने दो रिटायर्ड आईएएस (के सी जैन और अशोक शिवहरे) को पर्यवेक्षक पद से हटा दिया है। अब उनकी जगह पर नए संभागीय पर्यवेक्षक बनाए गए हैं। सूची प्रकाशित होने के बाद सवाल उठे कि जो व्यापमं घोटाले में ही शंका में घिरे हैं।

दोनों को मिली थी ये जिम्‍मेदारी

बताते चलें कि रिटायर्ड आईएएस के सी जैन को उज्जैन संभाग का पर्यवेक्षक बनाया गया था तो अशोक शिवहरे को ग्वालियर संभाग के पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन व्यापम घोटाले से जुड़े व्हिसल ब्लोअर की आपत्ति के बाद सरकार ने ये फैसला लिया।

केसी जैन और अशोक शिवहरे को हटा दिया गया है। जैन की जगह अब उज्जैन संभाग के लिए एसपी सिंह को नियुक्त किया गया है। ग्वालियर क्षेत्र में शिकायतें अखिलेंदु अरजरिया सुनेंगे।

रेणु पंत, सचिव, एमपीपीएसस

व्हिसल ब्लोअर ने लगाया आरोप

व्हिसल ब्लोअर डॉ. आनंद रॉय ने आरोप लगाया है कि व्यापमं में केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो या सीबीआई के आरोप पत्र में केसी जैन के पुत्र अनुराग जैन को आरोपित बनाया गया था। प्री पीजी घोटाले में अनुराग आरोपित था। वहीं अशोक शिवहरे के सगे भाई आरके शिवहरे भी व्यापम में दागी रहे हैं। व्हिसल ब्लोअर डॉ. आनंद रॉय ने इस बारे में मुख्यमंत्री के टि्वटर हैंडल पर शिकायत भी कर दी। आरटीआई कार्यकर्ता पंकज प्रजापति ने व्यापम की चार्जशीट को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया इसमें पर्यवेक्षक बने अधिकारी के परिजन के नाम दर्ज थे।

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अभियोजन के अनुसार 15 सितंबर 2013 को व्यापम द्वारा आरक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। आरक्षक भर्ती परीक्षा के दौरान भोपाल और दतिया के परीक्षा केन्द्रों में गड़बड़ी होने की सूचना मिली थी। इस संबंध में एसटीएफ ने टीमें गठित कर भोपाल और दतिया के परीक्षा केन्द्रों पर भेजी थीं।

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