जानिये US प्रेसिडेंट बनने ट्रम्प-बाइडेन में मची होड़ से उपजी हिंसा के कारण
काबिज और नव-निर्वाचित राष्ट्रपतियों की जंग से तनाव बढ़ गया है।- Social Media

जानिये US प्रेसिडेंट बनने ट्रम्प-बाइडेन में मची होड़ से उपजी हिंसा के कारण

RE पर जानें प्रतिशोध की आग में सुलग रहे अमेरिका में यह स्थिति क्यों बनी। काबिज-नव निर्वाचित प्रेसिडेंट्स से इसका नाता कैसे जुड़ा हुआ है।

हाइलाइट्स –

  • एक जीतने बेकरार

  • दूसरा हार मानने नहीं तैयार

  • जीत-हार पर बढ़ गई तकरार

  • अमेरिका में गृह युद्ध के आसार

राज एक्सप्रेस। अमेरिका में राष्ट्रपति पद चुनाव के बाद पूर्व से काबिज डोनाल्ड ट्रम्प और नव निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन और उनके दलों के बीच मची आपसी खींचतान के कारण गृहयुद्ध जैसे हालात पैदा हो गए हैं। चुनावी नतीजों पर आपसी बयानबाजी के बाद मामला कोर्ट तक पहुंचा जिसके बाद बात अब हिंसा में तब्दील नजर आ रही है।

इतिहास कलंकित –

अमेरिकी कैपिटल बिल्डिंग में इलेक्टोरल वोटों की काउंटिंग के समय अमेरिका के मौजूदा प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक सुरक्षा व्यवस्था को ध्वस्त कर घुस गए। वाशिंगटन डीसी पुलिस के हवाले से जारी रिपोर्ट्स के मुताबिक जारी घटनाक्रम में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कई घायल हैं।

ताजा घटनाक्रम के बाद नए राष्ट्रपति के रूप में जो बाइडेन के नाम पर लगने वाली मोहर से जुड़ी संवैधानिक प्रक्रिया भी बाधित हुई है। उपजे हिंसा के हालात के बाद प्रतिनिधि सभा और सीनेट तथा पूरे कैपटोल को बंद करना पड़ा।

उपराष्ट्रपति माइक पेंस और सांसदों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। बिगड़ते हालात पर नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय राजधानी में कर्फ्यू लागू किया गया है। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी कर्फ्यू का उल्लंघन कर प्रदर्शन करते नजर आए। मामले में पुलिस ने गिरफ्तारियां कर हथियार जब्त किये हैं।

200 साल बाद ऐसा हमला -

राष्ट्रपति चुनाव में इतना बवाल पहले कभी नहीं हुआ। हालिया घटनाक्रम से अमेरिकियों के जहन में 200 साल पुराना इतिहास ताजा हो गया। इतिहासकारों के अनुसार देश की संसद में घटित ऐसा घटनाक्रम शायद ही 200 सालों में पहले कभी देखा हो।

गौरतलब है कि साल 1812 के युद्ध के बाद अमेरिका में पहली बार ऐसे हालात पैदा हुए हैं। इतिहास में जिक्र है कि अगस्त 1814 में अंग्रेजों ने इमारत पर हमला कर उसमें आग लगा दी थी।

वजह भाषण तो नहीं –

नतीजे आने के बाद नौ सप्ताह से ट्रम्प चुनाव में धांधली का आरोप लगा रहे हैं। दरअसल रिपब्लिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप डेमोक्रैट जो बाइडेन की जीत को स्वीकार न करने पर अड़े हैं। वे कई मंचों से लगातार निर्वाचन प्रक्रिया को कटघरे में रख चुके हैं।

ट्रम्प ने इस मामले में कोर्ट की शरण भी ली थी। डोनाल्ड ट्रंप ने संसद के संयुक्त सत्र से पहले चुनाव में मिली हार को स्वीकार नहीं करने की बात दोहराई थी। उन्होंने चुनाव में धांधली के गंभीर आरोप लगाए हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रम्प ने वाशिंगटन डीसी में बड़ी संख्या में मौजूद समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि चुनाव में धांधली डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडेन को जिताने के लिये हुई। उन्होंने संबोधन में स्पष्ट रूप से कहा कि-

“जब धांधली हुई हो तब आपको अपनी हार स्वीकार नहीं करनी चाहिए।”

डोनाल्ड ट्रम्प, राष्ट्रपति अमेरिका

ट्रंप ने एक घंटे से अधिक समय तक दिये गये अपने भाषण के दौरान दावा किया कि; “उन्हें चुनाव में शानदार जीत मिली है।”

फिलहाल ट्विटर अकाउंट पर रोक -

इस बीच माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अकाउंट पर बुधवार को 12 घंटे के लिए रोक लगा दी। इसका कारण बताया गया है कि अमेरिका में हुए राष्ट्रपति चुनाव में धांधली संबंधी पोस्ट लगातार जारी करने के कारण ट्विटर को यह कदम उठाना पड़ा।

ट्विटर ने चेतावनी भी दी है कि ट्रम्प अगर भविष्य में नियमों का उल्लंघन करते हैं तो उनके अकाउंट पर स्थायी रोक लगा दी जाएगी।

ट्रम्प पर आरोप -

व्हाइट हाउस की दौड़ में जो बाइडेन से हार चुके अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर एक कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर चुनाव नतीजे प्रभावित करने का भी आरोप लगा। आरोप के मुताबिक ट्रम्प ने जॉर्जिया में अपनी पार्टी के सेक्रेटरी पर जीत लायक वोट जुटाने के लिए दबाव डाला था। ट्रम्प ने एक घंटे तक सेक्रेटरी से इस मसले पर बात की। इस दौरान उनका लहजा धमकाने वाला रहा।

अमेरिका में इलेक्टोरल कॉलेज के वोटों की औपचारिक गिनती से ट्रम्प के पास दोबारा राष्ट्रपति बनने का आखिरी मौका था। हालांकि यह भी तय था कि काउंटिंग के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के जो बाइडेन की जीत पर अंतिम मुहर लग जाएगी।

आरोप है कि ट्रंप ने जॉर्जिया के टॉप इलेक्शन ऑफिशियल से फोन पर वोटों की दोबारा गिनती करने दवाब डाला ताकि राज्य के 16 इलेक्टोरल वोट उनके हिस्से में आ जाएं।

कॉल रिकॉर्डिंग का सिरदर्द -

ट्रम्प की इस बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग वॉशिंगटन पोस्ट ने रविवार को ऑनलाइन जारी की थी। रिकॉर्डिंग संदेश के अनुसार ट्रम्प ने जीत के लिए अंतर से एक मात्र ज्यादा वोट के साथ 11,780 वोट की दरकार जताई थी। गौरतलब है कि जॉर्जिया में बाइडेन को 11,779 वोट मिले हैं।

वीडियो हटाये -

सोशल मीडिया ट्विटर, फेसबुक और यूट्यूब पर ट्रंप के उस वीडियो को हटा दिया गया है जिसमें ट्रम्प बुधवार को अपने समर्थकों से राष्ट्रपति चुनाव में धांधली की बात कह रहे थे। कैपिटल परिसर में प्रदर्शनकारियों के घुसने के तकरीबन दो घंटे बाद ट्रंप ने यह वीडियो जारी किया था।

आरोप है कि प्रदर्शनकारी इलेक्टोरल कॉलेज के नतीजों पर संसद के संयुक्त सत्र में खलल पैदा करना चाहते थे। इस सेशन में नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन की जीत पर मुहर लगनी थी।

घटना की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि, अब खुद रिपब्लिकन नेता भी लोकतंत्र पर हुए इस हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप को बाहर का रास्ता दिखाने की मांग करने लगे हैं।

बाइडेन ने कहा राजद्रोह है -

नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन ने चुनाव परिणाम के विरोध में हुई हिंसा को राजद्रोह करार देकर प्रदर्शनकारियों से शांत रहने की अपील की है।

'इससे फर्क नहीं पड़ता कि राष्ट्रपति अच्छा है या बुरा लेकिन एक राष्ट्रपति के शब्द मायने रखते हैं। अच्छा लोगों को प्रेरित कर सकता है और बुरा लोगों को उकसा सकता है। मैं राष्ट्रपति ट्रंप से नेशनल टेलिविजन पर आकर अपनी शपथ पूरी करने की अपील करता हूं। वे संविधान की रक्षा करें और इस घेराबंदी को समाप्त करने के लिए प्रदर्शनकारियों से अपील करें।'

जो बाइडन, अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति

ईरान ने साधा निशाना –

ताजा घटनाक्रम के बीच ईरान ने अंतरराष्ट्रीय संस्था इंटरपोल से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत अमेरिका के 47 अधिकारियों को रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की मांग की है। ईरान ने पिछले साल जनवरी में जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या की साजिश रचने में ट्रंप के शामिल होने का आरोप लगाकर दोषियों को पकड़ने में इंटरपोल से मदद मांगी है।

ईरान के न्यायिक प्रवक्ता गुलाम हुसैन इस्माइली ने सुलेमानी की हत्या के लिए इंटरपोल को लिखी गई चिट्ठी का हवाला देकर कहा है कि ईरान अपने कमांडर की हत्या में शामिल रहे लोगों को सजा दिलाने की दिशा में गंभीर है।

डिस्क्लेमर आर्टिकल प्रचलित रिपोर्ट्स पर आधारित है। इसमें शीर्षक-उप शीर्षक और संबंधित अतिरिक्त प्रचलित जानकारी जोड़ी गई हैं। इस आर्टिकल में प्रकाशित तथ्यों की जिम्मेदारी राज एक्सप्रेस की नहीं होगी।

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